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Dehradun News: मदरसे में नंगे फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते मिले छात्र
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I-बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने जीवनगढ़ स्थित मदरसे का किया निरीक्षण
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I-स्कूल के बाहर बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था देख भड़कींI
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना ने बाल विकास परियोजना कार्यालय के साथ ही जीवनगढ़ स्थित मदरसे का निरीक्षण किया। इस दौरान मदरसे के करीब स्थित ब्राइट एंजल स्कूल के बाहर बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था देख भड़क गईं। फोन पर पुलिस के अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने उपजिलाधिकारी, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी को आयोग के समक्ष तलब किया है। सात शीटर एक टेंपो ट्रैवलर में सात सीटर की जगह 10-11 छात्रों को बैठाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अनाधिकृत वाहनों में बच्चों को ले जाया जा रहा था। मदरसा जामिया दारूल ऊलूम सिद्दिका में शिक्षण व्यवस्था बदहाल मिली। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे नंगे पैर घूम रहे थे। यहां 120 बालक और 80 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। अधिकांश बच्चों के पैरों में चप्पल जूते नहीं मिले। ठंड में छात्र फर्श पर शिक्षा ग्रहण करते मिले। बालिकाओं ने हिजाब पहना हुआ था। इसे अध्यक्ष ने शिक्षण संस्थान के वातावरण के अनुकूल नहीं माना। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में गौरा नंदा योजना के संबंध में समीक्षा बैठक ली। पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को भी सुना।
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I-स्कूल के बाहर बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था देख भड़कींI
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना ने बाल विकास परियोजना कार्यालय के साथ ही जीवनगढ़ स्थित मदरसे का निरीक्षण किया। इस दौरान मदरसे के करीब स्थित ब्राइट एंजल स्कूल के बाहर बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था देख भड़क गईं। फोन पर पुलिस के अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने उपजिलाधिकारी, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी को आयोग के समक्ष तलब किया है। सात शीटर एक टेंपो ट्रैवलर में सात सीटर की जगह 10-11 छात्रों को बैठाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अनाधिकृत वाहनों में बच्चों को ले जाया जा रहा था। मदरसा जामिया दारूल ऊलूम सिद्दिका में शिक्षण व्यवस्था बदहाल मिली। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे नंगे पैर घूम रहे थे। यहां 120 बालक और 80 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। अधिकांश बच्चों के पैरों में चप्पल जूते नहीं मिले। ठंड में छात्र फर्श पर शिक्षा ग्रहण करते मिले। बालिकाओं ने हिजाब पहना हुआ था। इसे अध्यक्ष ने शिक्षण संस्थान के वातावरण के अनुकूल नहीं माना। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में गौरा नंदा योजना के संबंध में समीक्षा बैठक ली। पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को भी सुना।