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Uttarakhand: मैदानी क्षेत्रों में सीधी बुवाई से धान उपज लेने की तैयारी, ऊधम सिंह नगर में सबसे अधिक उत्पादन
Tue, 26 May 2026 03:18 PM IST
Renu Saklani
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Tue, 26 May 2026 03:18 PM IST
सार
राज्य के मैदानी क्षेत्रों में सीधी बुवाई से धान उपज लेने की तैयारी है। प्रदेश में धान का सबसे अधिक उत्पादन ऊधम सिंह नगर जिले में होता है।
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धान
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
राज्य में ऊधम सिंह नगर व हरिद्वार मैदानी जिलों में धान उत्पादन के लिए रोपाई का तरीका इस्तेमाल होता है। अब इसकी जगह सीधी बुवाई तरीका (डीएसआर) का परीक्षण किया जाएगा। इसमें सीधी बुवाई विधि से धान को तैयार करने पर उत्पादन पर प्रभाव को देखा जाएगा।
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इसके साथ ही धान उत्पादन को तैयार करने में मीथेन गैस का उत्सर्जन (ग्रीन हाउस गैस), पानी का उपयोग और कार्य करने वाले लोगों की संख्या और कुल लागत का भी तुलनात्मक तौर पता किया जाएगा, जिसके आधार पर आधार पर आगे कोई संस्तुति की जाएगी।
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राज्य में धान का सबसे अधिक उत्पादन ऊधम सिंह नगर जिले में होता है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में धान को रोपाई के माध्यम से तैयार किया जाता है। धान की खेती में मीथेन गैस का उत्सर्जन होता है, ऐसे में ग्रीन गैस का उत्सर्जन कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत जलागम विभाग की विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बरानी कृषि परियोजना के तहत काम शुरू किया गया है।