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अल्ट्रासाउंड न होने पर फूटा गर्भवती महिलाओं का गुस्सा
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सीएससी विकासनगर मे अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में अल्ट्रासाउंड के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहीं गर्भवती महिलाओं का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि वह पिछले तीन दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहीं हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। न ही कोई सूचना बोर्ड अस्पताल के गेट पर लगाया गया है।
महिलाओं ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहीं हैं। सोमवार को भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कई महिलाएं रात के तीन बजे से अस्पताल के गेट पर बैठी हुई थीं, लेकिन सुबह 10 बजे तक भी जब अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू नहीं हुई तो गर्भवती महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। काफी देर हंगामा करने के बाद महिलाएं वापस लौट गईं। महिलाओं के वापस लौट जाने के बाद विभाग ने चोरीछिपे गेट पर डॉक्टर के अवकाश से संबंधित नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया।
वहीं, महिलाओं ने आरोप लगया कि अस्पताल प्रबंधन ने पूछने के बावजूद कोई उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना पहाड़ी अंचलों में रहने वाली महिलाओं को करना पड़ रहा है। ये महिलाएं छोटे वाहनों में हिचकोले खाकर अस्पताल पहुंच रही हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए रोजाना अस्पताल की दौड़ लगाना संभव नहीं है।
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प्रदर्शन करने वालों में कृष्णा, भारती, जाहिदा, सागिदा, नसीर, पूजा देवी, प्रमिला, लक्ष्मी, संगीता, राधा, समीना, साहिस्ता, रूबी, शमा, रेखा देवी, फरहीन, प्रेमा, प्रमिला, शालिनी, संजना, पिंकी, निशा तोमर, अंजू, नीमा, चुन्नी देवी, मीरा, रेनू, संगीता, गुलिस्ताना, रेशमा देवी, रेखा, रीतू, प्रमोद, इसराना, संजू, शहजाद, एहसान, विशाल, गुलाब सिंह आदि मौजूद रहे।
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रेडियोलॉजिस्ट को टाइफायड हो गया है। इस कारण वह पिछले शुक्रवार से सीएचसी में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें स्वस्थ होने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही वह सेवाएं दे पाएंगे। रेडियोलॉजिस्ट के स्वस्थ होने के बाद अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में नोटिस अस्पताल के गेट पर चस्पा कर दिया गया है।
- डॉ. केके शर्मा, सीएचसी प्रभारी
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सहसपुर, चकराता सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट नहीं
विकासनगर। जौनसार बावर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सीएचसी चकराता और सहसपुर में रेडियोलॉजिस्ट के पर रिक्त होने की वजह से लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। वहीं, साहिया सीएचसी में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को विभाग ने कुछ माह पहले वहां से हटा लिया। इससे विकासनगर सीएचसी पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। क्षेत्र के 300 से अधिक गांवों की आबादी भी सीचएसी विकासनगर पर ही निर्भर है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण यहां पर लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 15 से 20 दिन पहले नंबर लगाना पड़ता है। डॉक्टर को एक दिन में 40-45 अल्ट्रासाउंड तक करने पड़ते हैं। जबकि, नियमानुसार एक दिन में 25 अल्ट्रासाउंड ही किए जा सकते हैं। लंबे समय से क्षेत्रीय लोग सीएचसी चकराता, साहिया और सहसपुर में रेडियोलॉजिस्ट के पदों को भरने की मांग कर रहे हैं।
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महिलाओं ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहीं हैं। सोमवार को भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कई महिलाएं रात के तीन बजे से अस्पताल के गेट पर बैठी हुई थीं, लेकिन सुबह 10 बजे तक भी जब अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू नहीं हुई तो गर्भवती महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। काफी देर हंगामा करने के बाद महिलाएं वापस लौट गईं। महिलाओं के वापस लौट जाने के बाद विभाग ने चोरीछिपे गेट पर डॉक्टर के अवकाश से संबंधित नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया।
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वहीं, महिलाओं ने आरोप लगया कि अस्पताल प्रबंधन ने पूछने के बावजूद कोई उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना पहाड़ी अंचलों में रहने वाली महिलाओं को करना पड़ रहा है। ये महिलाएं छोटे वाहनों में हिचकोले खाकर अस्पताल पहुंच रही हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए रोजाना अस्पताल की दौड़ लगाना संभव नहीं है।
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प्रदर्शन करने वालों में कृष्णा, भारती, जाहिदा, सागिदा, नसीर, पूजा देवी, प्रमिला, लक्ष्मी, संगीता, राधा, समीना, साहिस्ता, रूबी, शमा, रेखा देवी, फरहीन, प्रेमा, प्रमिला, शालिनी, संजना, पिंकी, निशा तोमर, अंजू, नीमा, चुन्नी देवी, मीरा, रेनू, संगीता, गुलिस्ताना, रेशमा देवी, रेखा, रीतू, प्रमोद, इसराना, संजू, शहजाद, एहसान, विशाल, गुलाब सिंह आदि मौजूद रहे।
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रेडियोलॉजिस्ट को टाइफायड हो गया है। इस कारण वह पिछले शुक्रवार से सीएचसी में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें स्वस्थ होने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही वह सेवाएं दे पाएंगे। रेडियोलॉजिस्ट के स्वस्थ होने के बाद अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में नोटिस अस्पताल के गेट पर चस्पा कर दिया गया है।
- डॉ. केके शर्मा, सीएचसी प्रभारी
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सहसपुर, चकराता सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट नहीं
विकासनगर। जौनसार बावर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सीएचसी चकराता और सहसपुर में रेडियोलॉजिस्ट के पर रिक्त होने की वजह से लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। वहीं, साहिया सीएचसी में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को विभाग ने कुछ माह पहले वहां से हटा लिया। इससे विकासनगर सीएचसी पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। क्षेत्र के 300 से अधिक गांवों की आबादी भी सीचएसी विकासनगर पर ही निर्भर है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण यहां पर लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 15 से 20 दिन पहले नंबर लगाना पड़ता है। डॉक्टर को एक दिन में 40-45 अल्ट्रासाउंड तक करने पड़ते हैं। जबकि, नियमानुसार एक दिन में 25 अल्ट्रासाउंड ही किए जा सकते हैं। लंबे समय से क्षेत्रीय लोग सीएचसी चकराता, साहिया और सहसपुर में रेडियोलॉजिस्ट के पदों को भरने की मांग कर रहे हैं।