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अब गर्भ में ही बच्चे को मिलेंगे अच्छे संस्कार

Sun, 21 Dec 2014 03:48 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 21 Dec 2014 03:48 PM IST
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pregnancy ceremony from health department.

शिशु के गर्भ में आते ही उसे बेहतर भविष्य के लिए अच्छे संस्कार देने पर अब उत्तराखंड का स्वास्थ्य महकमा काम करेगा। बदलते परिवेश में जिस तरह नैतिक मूल्यों का विघटन हो रहा है उसके लिए शिशु के गर्भ में आते ही तैयारी की जा रही है।

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स्वास्थ्य महकमा गायत्री परिवार की गर्भस्थ माताओं के लिए वैज्ञानिक विधि पर आधारित एक्शन प्लान को जच्चा बच्चा स्वास्थ्य योजना का हिस्सा बनाने जा रही है। वैज्ञानिक पहलुओं के समावेश से तैयार गायत्री परिवार शांतिकुंज के चिकित्सा विशेषज्ञों ने शनिवार को अपनी कार्ययोजना को महानिदेशालय स्वास्थ्य के साथ साझा किया।
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गायत्री परिवार में शामिल चिकित्सा क्षेत्र अनुभवी विशेषज्ञों ने समाज में पैदा हो रहे विकारों को पार पाने के लिए प्राचीन ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर इसका समाधान तलाशा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भ में शिशु के आते ही उसमें अच्छे संस्कारों को डाला जा सकता है।
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शोधकर्ताओं के मुताबिक गर्भावस्था में ज्ञानेंद्रियों, कर्मेंद्रियों के साथ मस्तिष्क विकास हो जाता है। यह वह समय होता है जहां शिशु सीखना शुरू कर देता है। प्राचीन समय में संस्कार रोपण की प्रक्रिया को गर्भाधान संस्कार से किया जाता था, जिसकी अब आधुनिक विज्ञान ने पुष्टि कर दी है।

मातृ एवं शिशु के लिए गर्भ संस्कार बेहद कारगर

pregnancy ceremony from health department.

उत्तरप्रदेश की भूतपूर्व महानिदेशक एवं गायत्री परिवार की प्रमुख डॉ. गायत्री शर्मा ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए गर्भोत्सव संस्कार बेहद कारगर है। अल्ट्रासाउंड से लिए गए गर्भस्थ शिशु की प्रत्येक अवस्था को वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि गर्भ में पलने के दौरान बच्चा मां के द्वारा की गयी प्रत्येक क्रिया को ने केवल समझता है बल्कि सुनता और महसूस भी करता है और उसी प्रकार से व्यवहार करता है।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. जीएस जोशी ने गायत्री परिवार की इस पहल को वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि उनसे स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त तौर प्रभावी बनाने के लिए आशा, एएनएम एवं आंगनवाड़ी को जोड़कर विभागीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

संस्था के प्रमुख डॉ. ओपी शर्मा के अलावा उत्तराखंड स्वास्थ्य सेवाओं के भूतपूर्व महानिदेशक डॉ. आईएस पाल, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल के सचिव डॉ. यशवंत बिष्ट तथा महानिदेशालय के समस्त अधिकारी मौजूद रहे।

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