रुड़की: भाजपा नेता के पेट्रोल पंप से 33 लाख की लूट, कर्मचारी और पीआरडी जवान समेत छह गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की में भाजपा नेता के पेट्रोल पंप कर्मचारियों से 33 लाख रुपये की लूट में साथी कर्मचारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुलिस ने लूट में शामिल पेट्रोल पंप कर्मचारी और पीआरडी जवान समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार कर किया है।
उनके पास से लूटी गई रकम से 23.50 लाख की नकदी, लूट में शामिल दो बाइकें, एक तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस बाकी रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है। साथ ही बदमाशों को रिमांड पर लेने की भी तैयारी कर रही है।
एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने मंगलवार को मंगलौर कोतवाली में भाजपा नेता ललित मोहन अग्रवाल के पेट्रोल पंप कर्मचारियों से हुई 33 लाख की लूट का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दस जून को बाइक सवार बदमाशों ने पेट्रोल पंप कर्मचारी पवन चौहान और आमिर से गंगनहर रास्ते पर बाइक सवार चार बदमाशों ने आंखों में मिर्च पाउडर डालकर नोटों से भरा बैग छीन लिया था।
खुलासे के लिए पुलिस और सीआईयू की टीम को लगाया था। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस के जरिये बदमाशों की तलाश की जा रही थी। बदमाशों की तलाश के लिए टीम को मुजफ्फरनगर, देहरादून, सहारनपुर, बिजनौर समेत अन्य जिलों में भेजा गया था। पुलिस और सीआईयू की टीम को मुखबिर व सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग हाथ लगे।
सोमवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोशनाबाद स्थित पुराने सिनेमाघर के पास से राकेश पाल निवासी मिलापनगर, ढंडेरा, रुड़की, जितेंद्र निवासी ग्राम तुगलपुर निवासी कमेड़ा, थाना पुरकाजी, मुफ्फरनगर, वीर सिंह, रामवीर सिंह निवासी ग्राम बड़कली, मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर लिया। चारों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपने दो साथी पीआरडी जवान सुनील कुमार उर्फ सोनू और पेट्रोल पंप के कर्मचारी अनुज निवासी मोहनपुरा, रुड़की के नाम बताए। पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि रामवीर सिंह और जितेंद्र सिंह पर पुराने आपराधिक मामले चल रहे हैं।
पेट्रोल पंपकर्मी अनुज ने ही की थी रेकी
एसएसपी ने बताया कि पेट्रोल पंप कर्मचारी अनुज ने राकेश, जितेंद्र, वीर सिंह और रामवीर के कहने पर पेट्रोल पंप की तीन दिन पहले रेकी की थी। इसके बाद उसने लूट में अपने गांव निवासी पीआरडी के जवान सुनील कुमार को भी शामिल कर लिया। दस जून को अनुज ने सुनील को सूचना दी कि दो कर्मचारी मोटी रकम लेकर गंगनहर के रास्ते से जा रहे हैं।
इसके बाद सुनील ने राकेश, जितेंद्र, वीर सिंह और रामवीर को इसकी जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि चारों रोशनाबाद स्थित एक कंपनी में काम करते हैं और वहीं किराये पर कमरा लेकर रह रहे थे। जानकारी मिलने पर चारों लोग दो बाइकों पर सवार होकर मंगलौर गंगनहर की पटरी पर पहुंचे और लूट की वारदात को अंजाम दिया।
श्मशान में छिपाया था बैग
लूटपाट के बाद बदमाशों ने पकड़े जाने के डर से नोटों से भरा बैग और तमंचा तांशीपुर के पास श्मशान घाट में छिपा दिया था। यहीं उन्होंने अपने कपड़े भी बदले और चले गए। इसके बाद चारों रोशनाबाद पहुंचे। फिर रात को ही दोबारा तांशीपुर श्मशान घाट पहुंचे और लूट का बैग अपने साथ रोशनाबाद ले गए।
जितेंद्र है गैंग का सरगना
एसएसपी ने बताया कि पूरे गैंग का सरगना जितेंद्र है। उसी ने भाजपा नेता के पेट्रोल पंप पर लूट की योजना बनाई थी। इसके बाद उसने पेट्रोल पंप कर्मचारी अनुज से संपर्क साधा और उसे लालच देकर लूट की वारदात से पहले रेकी करने के लिए कहा था। लालच में आकर अनुज ने रेकी कर रकम ले जाने की जानकारी दी।
डकैती की तरह दिया अंजाम
एसएसपी ने बताया कि गैंग ने डकैती की तरह लूट की वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने वाले चार बदमाश थे, लेकिन दो बदमाशों ने लूट में सहयोग किया और घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। गैंग ने मिर्च पाउडर और तमंचा भी अपने पास रखा था। जितेंद्र और राकेश पाल शातिर दिमाग हैं। दोनों ने ही पूरी योजना तैयार की थी।