यूपी और पंजाब के साथ उत्तराखंड में भी कांग्रेस का सहारा बनेंगे पीके!
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इलेक्शन मैनेजमेंट गुरू प्रशांत कुमार को उत्तराखंड में भी कांग्रेस को सत्ता में लाने का ठेका दे दिया गया है। पिछले कई दिनों से से सियासी हवाओं में उनकी मुख्यमंत्री से गुपचुप मुलाकातों की चर्चा थी।
सूत्रों की मानें तो सीएम की पहल पर ही पीके को उत्तराखंड के इलेक्शन मैनेजमेंट की कमान सौंपी गई है। कमान संभालते ही पीके की टीम मैदान में उतर चुकी है।
बृहस्पतिवार को टीम के दो सदस्य कांग्रेस भवन पहुंचे जहां उन्होंने संगठन नेताओं से चर्चा की। सूत्रों की मानें तो टीम के अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचने पर पार्टी नेताओं में खलबली मच गई।
पीके को इलेक्शन मैनेजमेंट का ठेका दिये जाने के पक्ष में नहीं एक बड़ा खेमा
दरअसल, पार्टी के भीतर एक बड़ा खेमा पीके को इलेक्शन मैनेजमेंट का ठेका दिये जाने के पक्ष में नहीं है। लेकिन मामला टॉप लेवल पर तय हुआ है, लिहाजा इसके विरोध में खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं। लेकिन यूपी में आजमाये जा रहे पीके के प्रयोगों से राज्य के कांग्रेसी बहुत ज्यादा प्रभावित नजर नहीं आ रहे।
उनकी मानें तो जितनी बड़ी रकम टीम पीके को प्रचार मैनेजमेंट के लिये दी जा रही है, उसकी आधी भी पार्टी संगठन पर लगा दी जाती तो नतीजे कुछ और होते। मगर पार्टी में ही कुछ लोग प्रशांत कुमार को मैदान में उतारे जाने के पक्ष में हैं।
उनकी मानें तो हाल ही में पार्टी ने नान सीरीयस दावेदारों को कम करने के लिये पोलिंग बूथ स्तर पर पांच-पांच नाम भेजने का जो फार्मूला बनाया था, दरअसल वह टीम पीके का ही प्रयोग है। कांग्रेस भवन पहुंची टीम पीके यही डाटा जुटाने पहुंची थी।