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प्रधानमंत्री आवास योजना: उत्तराखंड में सामने आई गड़बड़ी, ऑडिट में हुआ बड़ा खुलासा

Thu, 13 Feb 2020 03:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 13 Feb 2020 03:30 AM IST
सार

  • योजना के तहत बने मकानों में रह रहे किरायेदार
  • पहली किस्त जारी होने के बाद शुरू नहीं हुआ भवन का निर्माण

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Pradhan Mantri Awas Yojana: Big Scam Caught in uttarakhand
प्रधानमंत्री आवास योजना - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

गरीबों के लिए मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सोशल ऑडिट में कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शहरी विकास विभाग को भेज दी है।

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ग्राम्य विकास विभाग की उत्तराखंड सामाजिक अंकेक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता एजेंसी (उसाटा) ने प्रदेश के सात जिलों में नगर निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवासों का ऑडिट किया। रिपोर्ट के अनुसार, नगर पंचायत बागेश्वर में योजना के तहत आवास का निर्माण किया गया था। स्थलीय निरीक्षण के दौरान ऑडिट टीम ने पाया कि उक्त आवास में किरायेदार रह रहे हैं, जबकि लाभार्थी का परिवार किसी दूसरी जगह स्वयं के मकान में रह रहा है। 
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योजना के तहत जिस परिवार के पास मकान नहीं है, या मकान कच्चा है तो उसे ही सरकार की ओर से आवास बनाने के लिए दो लाख तक की राशि दी जाती है। इसी तरह ऊधमसिंह नगर के महुवा डाबर नगर पंचायत में आवास के लिए पहली किस्त जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऑडिट में खुलासा हुआ है कि कई लाभार्थियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली राशि का पूरा भुगतान किया गया, लेकिन आवास का कार्य पूरा नहीं हुआ है।

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ये है ब्योरा

जिला    निकाय  आवासों का ऑडिट
उत्तरकाशी चिन्यालीसौड़  36
चमोली   जोशीमठ, गोपेश्वर  58
ऊधमसिंह नगर  गदरपुर, दिनेशपुर, जसपुर, महुआ डाबर 197
पौड़ी   पौड़ी  12
हरिद्वार   लंढौरा    23
रुद्रप्रयाग    रुद्रप्रयाग    1
बागेश्वर बागेश्वर 1

नगर निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के सोशल ऑडिट के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। सात जिलों की ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर शहरी विकास को भेज दी गई है।
-आनंद स्वरूप, अपर सचिव एवं निदेशक उसाटा
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