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अब बेहद गरीब बन सकेंगे मकान मालिक

Mon, 18 Apr 2016 11:32 AM IST
गौरव मिश्रा / अमर उजाला, देहरादून
गौरव मिश्रा / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 18 Apr 2016 11:32 AM IST
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pradhan awas yojana in dehradun
- फोटो : डेमो फोटो

अगर सब कुछ ठीक तरह से चला तो प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा सैकड़ों लोगों को मिल सकेगा।

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जल्द ही इसके लिए बहुत व्यापक सर्वे अभियान शुरू होने जा रहा है। इसमें हजारों लोगों को शामिल किया जाएगा। हालांकि अभी सर्वे एजेंसी का चयन होना बाकी है। नगर निगम प्रशासन इसके लिए सारी तैयारी कर चुका है। बारीक से बारीक जानकारी हासिल कर सूक्ष्म डाटा बैंक तैयार करवाने की तैयारी हो रही है।

यह कार्ययोजना पूरी तरह से स्थानीय हालातों के आधार पर बनेगी। यह योजना है तो मुख्य रूप से बेहद गरीब व आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लिए है। इसमें ऋण में सब्सिडी की व्यवस्था है। अभी तक पांच सौ से अधिक प्रार्थना पत्र नगर निगम प्रशासन के पास आ चुके हैं।
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इसमें सकारात्मक बात तो यह है कि बैंकों पर यह जिम्मेदारी है कि उन्हें हर हाल में ऋण देना है। उनको स्पष्ट निर्देश है कि वे बेवजह ऋण के प्रार्थियों को मायूस नहीं करेंगे। ऋण घर बनाने के लिए ही नहीं मिलेगा बल्कि इसके विस्तार को भी मिल सकेगा। आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को ऋण में एक लाख पैंसठ हजार तक की सब्सिडी है। निम्न आय वर्ग छह लाख रुपये तक मात्र 6.5 फीसदी ब्याज दर पर ऋण मिल सकेगा।
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मेयर विनोद चमोली का कहना है कि केंद्र सरकार की यह योजना बेहद खास है। इसको जमीन पर उतारने के लिए युद्धस्तरीय कोशिश चल रही है। अभी तो व्यापक सर्वेक्षण होगा। उसके बाद तकनीकी बाधाओं को दूर कर गरीबों को मकान का मालिक बनाने की कवायद की जाएगी। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया बताते हैं कि इस काम को अंजाम देने के लिए जमकर काम किया जा रहा है। सर्वे का काम जल्द शुरु होगा।

नियमित होंगी बस्तियां तभी मिलेगा फायदा
हरीश रावत कैबिनेट ने मलिन बस्तियों के बाबत फैसला ले लिया था। संसदीय सचिव व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में गठित मलिन बस्तियों के नियमितीकरण के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया था। हालांकि विधानसभा में यह कानून नहीं बन पाया था। अगर मलिन बस्तियों के नियमितीकरण को वैधानिक स्वरूप मिल जाएगा तभी गरीबों को इस योजना का फायदा मिल पाएगा। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो सबसे ज्यादा जरूरतमंदों को इस शानदार योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।


स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
उत्तराखंड बैंक इंप्लाईज यूनियन के अध्यक्ष जगमोहन मेंदीरत्ता का कहना है कि अर्थव्यवस्था, रोजगार, स्वरोजगार और एनटाईटलमेंट के लिहाज से यह योजना चमत्कार करने की क्षमता रखती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही सैकड़ों लोग फार्मल व आरगेनाईज्ड इकॉनामी का हिस्सा बन जाएंगे। इसलिए जमीनी होमवर्क करने इसको अमली जामा पहनाना लाभकारी होगा। इससे संपदा निर्माण होगा और राजस्व में भी इजाफा होगा।

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