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चार पावर हाउसों में बिजली उत्पादन ठप
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भारी बारिश से यमुना नदी में आई सिल्ट।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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भारी बारिश से उफान पर आई टौंस और यमुना नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से पछवादून की चार जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन ठप हो गया। क्षेत्र के कुल्हाल पावर हाउस में ही बिजली उत्पादन हो रहा है।
शनिवार देर रात को उत्तरकाशी जिले में बादल फटने के बाद अचानक टौंस नदी का जल स्तर बढ़ गया। इससे नदी में भारी मात्रा में सिल्ट और गाद आने लगी। सिल्ट को देखते हुए डाकपत्थर और इच्छाड़ी डैम पर तैनात कर्मचारियों ने रविवार सुबह पांच बजे से क्लोजर कार्य शुरू कर नदी में पानी छोड़ना शुरू कर दिया। इससे 240 मेगावाट के छिबरो, 120 मेगावाट के खोदरी, 33.75 मेगावाट के ढकरानी और 51 मेगावॉट के ढालीपुर पावर हाउस में बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। वर्तमान में 30 मेगावाट के कुल्हाल पावर हाउस से ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है।
सिल्ट और पानी की अधिक मात्रा को देखते हुए डाकपत्थर बैराज से लगातार यमुना नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। शाम चार बजे तक डाकपत्थर बैराज से 2.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था। इससे यमुना नदी किनारे कई खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए। वहीं, कई हेक्टेयर भूमि कटाव की चपेट में है।
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शनिवार देर रात को उत्तरकाशी जिले में बादल फटने के बाद अचानक टौंस नदी का जल स्तर बढ़ गया। इससे नदी में भारी मात्रा में सिल्ट और गाद आने लगी। सिल्ट को देखते हुए डाकपत्थर और इच्छाड़ी डैम पर तैनात कर्मचारियों ने रविवार सुबह पांच बजे से क्लोजर कार्य शुरू कर नदी में पानी छोड़ना शुरू कर दिया। इससे 240 मेगावाट के छिबरो, 120 मेगावाट के खोदरी, 33.75 मेगावाट के ढकरानी और 51 मेगावॉट के ढालीपुर पावर हाउस में बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। वर्तमान में 30 मेगावाट के कुल्हाल पावर हाउस से ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है।
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सिल्ट और पानी की अधिक मात्रा को देखते हुए डाकपत्थर बैराज से लगातार यमुना नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। शाम चार बजे तक डाकपत्थर बैराज से 2.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था। इससे यमुना नदी किनारे कई खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए। वहीं, कई हेक्टेयर भूमि कटाव की चपेट में है।
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