{"_id":"62bc2f206eec1057ac63afb8","slug":"power-cuts-increased-due-to-increasing-demand-and-less-availability","type":"story","status":"publish","title_hn":"Power Cuts : बढ़ती मांग और कम उपलब्धता की वजह से बढ़ी बिजली कटौती, अब मौसम के भरोसे यूपीसीएल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Power Cuts : बढ़ती मांग और कम उपलब्धता की वजह से बढ़ी बिजली कटौती, अब मौसम के भरोसे यूपीसीएल
Wed, 29 Jun 2022 04:41 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 29 Jun 2022 04:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में लगातार बढ़ती मांग और कम उपलब्धता की वजह से बिजली कटौती बढ़नी शुरू हो गई है। मंगलवार को गांव, कस्बों से लेकर बड़े शहरों और उद्योगों में भी बिजली कटौती हुई। बुधवार को भी यह कटौती जारी रहने के आसार हैं। मंगलवार को राजधानी सहित प्रदेशभर में बिजली कटौती हुई।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दो से ढाई घंटे कटौती हुई, जबकि शहरों में भी एक से डेढ़ घंटे बिजली गुल रही। फर्नेश उद्योगों में जहां चार से साढ़े चार घंटे की कटौती हुई तो बाकी उद्योगों में भी रात को करीब दो घंटे बिजली कटी। अभी तक ऊर्जा निगम फर्नेश को छोड़कर बाकी उद्योगों में पूरी आपूर्ति देता आ रहा था।
विज्ञापन
यूपीसीएल प्रबंधन ने बुधवार को बिजली की मांग 53.80 मिलियन यूनिट आंकी है, जिसके सापेक्ष निगम के पास 45.20 मिलियन यूनिट बिजली ही उपलब्ध है। बाकी 8.6 मिलियन यूनिट बिजली बाजार से खरीदी जा रही है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, बाजार में भी गैस व कोयले के दामों में बढ़ोतरी की वजह से बिजली की कमी है। लिहाजा, बुधवार को पूरी बिजली खरीदने की कोशिश की जा रही है। कमी रहने की स्थिति में बुधवार को भी प्रदेशभर में बिजली कटौती होने की संभावना है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...दादी के पीछे लगी पुलिस: हरकी पैड़ी पर खतरनाक स्टंट दिखाकर सोशल मीडिया पर छाई, अब करनी पड़ेगी भरपाई
आम लोगों की तरह यूपीसीएल भी अब मानसून का इंतजार कर रहा है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, बारिश आने पर एक ओर जहां बिजली की मांग में गिरावट आ जाती है तो दूसरी ओर उपलब्धता भी बढ़ जाती है। लिहाजा, वह भी अब बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि चुनौती से पार पाया जा सके।