उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के दावों पर चोरों की नजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में जनता को 22 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री हरीश रावत के दावे पर चोरों की नजर लग गई है।
राजधानी समेत पूरे प्रदेश में बिजली चोरी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बिजली लाइनों पर कटिया डालकर ये चोर न सिर्फ जनता का हक चुरा रहे हैं, बल्कि लोकल फाल्ट से उन्हें परेशानी में भी डाल रहे हैं।
दरअसल, बिजली लाइनों पर चोरी करने से निर्धारित क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों, लाइनों पर लोड बढ़ जाता है। इससे ये खराब हो जाते हैं और इनसे जुड़े क्षेत्रों में बत्ती गुल हो जाती है।
ऊर्जा निगम मरम्मत के लिए शटडाउन लेता है, जिससे सब स्टेशन से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है।
पुराने उपकरण, ठेकेदार भी बढ़ा रहे दिक्कत
ऊर्जा निगम सूत्रों की मानें तो बिजली सब स्टेशनों में लगे उपकरण काफी पुराने और निमभन गुणवत्ता वाले हैं।
ऐसे में लोड बढ़ते ही कभी फ्यूज उड़ जाता है तो कभी जंफर। इसके अलावा कई बड़ी लाइनों की मरम्मत का काम ठेकेदारों के भरोसे कराया जाता है। लेकिन ये ठेकेदार छोटे फाल्ट तलाशने में भी घंटों लगा देते हैं।
निगम कर रहा पूरी आपूर्ति का दावा
राजधानी में भले ही हर रोज लोकल फाल्ट जनता की परेशानी का सबब बना हुआ हो। लेकिन ऊर्जा निगम दून में सीएम के दावे के मुताबिक आपूर्ति का दावा कर रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जलविद्युत गृहों से उत्पादन कम होने के बावजूद दून कंट्रोल रूम से 22 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है।
एक साल में चोरी के 384 मामले
ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम ने एक साल में प्रदेश भर में बिजली चोरी के 384 मामले विभिन्न थानों में दर्ज कराए हैं।
खास बात यह है कि चोरी करने वालों में कई बड़े होटल, वेडिंग प्वाइंट, टेंट हाउस, बर्फ फैक्ट्री संचालक शामिल हैं।
15 मई 2014 को विकासनगर में चलती लाइन से घर के विद्युत उपकरण चलाने, फरवरी 2013 में रामनगर में गुरुदीप सिंह के स्टोन क्रशर में 77 लाख की बिजली चोरी पकड़ने, मई 2013 में नैनीताल के एलफिस्टन होटल में 1.26 लाख रुपए की बिजली चोरी जैसे मामले विजिलेंस टीम ने पकड़े हैं।
जुटा रहे जानकारी, चलेगा अभियान
ऊर्जा निगम के विजिलेंस अफसर पीपी ठाकुर ने बताया कि चोरी पकड़ने के लिए लगातार अभियान चल रहा है।
वहीं, निगम के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देश पर बिजली चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई जा रही है।