किसानों की 30 करोड़ की देनदारी पर बोले भाजपा मंत्री, ये कांग्रेस की जिम्मेदारी थी हमारी नहीं
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दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों की 30 करोड़ की बकाया धनराशि सियासी दांवपेंच में उलझ गई है। दुग्ध विकास मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है तभी से यह धनराशि देगी।
करोड़ों की यह देनदारी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय की है। बैक लॉग की धनराशि के भुगतान के लिए विधानसभा या कैबिनेट में प्रस्ताव लाना होगा। हालांकि, दुग्ध विकास मंत्री ने ही कुछ दिन पहले दावा किया था कि भाजपा सरकार योजना की पुरानी बकाया राशि का भुगतान करेगी।
प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2015-16 में किसानों को प्रति लीटर दूध पर चार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की गई थी। लेकिन पिछले दो साल से किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। किसानों की हर साल सरकार पर देनदारी बढ़ती जा रही है।
अब 55 हजार किसानों की सरकार पर बकाया प्रोत्साहन राशि 30 करोड़ हो चुकी है। दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े प्रदेश भर के किसानों को उम्मीद थी कि भाजपा सरकार बकाया राशि का भुगतान कर देगी। लेकिन दुग्ध विकास मंत्री धन सिंह रावत ने फिलहाल इस राशि के भुगतान से हाथ खड़े कर दिए हैं।
क्या कहते हैं मंत्री, पढ़ें
दुग्ध विकास मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार ने घोषणा की पर किसी को कुछ दिया नहीं, ऐसा एक जगह नहीं बहुत जगह हुआ है। दुग्ध प्रोत्साहन योजना में भी किसानों को प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। बकाया राशि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की है। इस राशि के भुगतान के लिए विधानसभा या कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है।
पूर्व सीएम हरीश रावत के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि सरकार केवल सरकार होती है। मंत्री का यह कहना कि भाजपा जब से सत्ता में आई है तभी से किसानों को प्रोत्साहन राशि देगी यह उनकी छोटी सोच है। मंत्री या तो यह बताएं कि यह योजना सही नहीं है, लेकिन किसानों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर इस तरह की बात करना गलत है।