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उत्तराखंडः शराब की बोतलों पर पर गरमाई सियासत
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 01 Aug 2016 09:46 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तराखंड में शराब की बोतलों पर लगने वाले होलोग्राम का टेंडर चार गुना बढ़ाकर दिए जाने के फैसले भाजपा ने अंगुली उठाई है।
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विपक्षी पार्टी का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश सरकार को राजस्व के मद में भारी नुकसान होगा, वहीं टेंडर दिए जाने में निर्धारत शर्तों की अनदेखी पर होलोग्राम के दुरुपयोग और घटिया शराब की बिक्री का अंदेशा भी है।
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चार गुना अधिक कीमत पर होलोग्राम खरीदे जाने की खबर 30 जुलाई को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद भाजपा ने इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि लाख कोशिश के बाद भी प्रदेश सरकार शराब और शराब से संबंधित घोटालों को लेकर अपना मोह नहीं त्याग पा रही है।
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उन्होंने कहा कि होलोग्राम के टेंडर के लिए जिन दो कंपनियों यू-फ्लैक्स और मॉनटेज द्वारा निविदा दिए जाने की बात कही जा रही है, दोनों एसोसिएट कंपनी हैं। जिस यू-फ्लैक्स कंपनी को प्रदेश में होलोग्राम का ठेका दिया गया है, उसके सीईओ अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ सीबीआई और आयकर की जांच चल रही है। सिक्किम में इस कंपनी के बारे में कैग ने गंभीर आपत्ति उठाई थी और वहां के उच्च न्यायालय ने कंपनी की काम जारी रखने की दलील को खारिज कर दिया था।
उन्होंने कहा कि टेंडर इस प्रकार से निर्धारित किए गए कि यू-फ्लैक्स और मॉनटेज ही क्वालीफाई कर सकें। इसके लिए ई-टेंडर की निर्धारित व्यवस्था को भी दरकिनार कर दिया गया है। अधिकारियों ने चार बार इस कंपनी के टेंडर को रद्द कर दिया था। आबकारी आयुक्त की अनुपस्थिति में एक दूसरे अधिकारी को भेजकर इस टेंडर को पास कराया गया।
चौहान ने कहा कि होलोग्राम का टेंडर दिए जाने में एक शर्त यह भी है, जिस कंपनी को ठेका दिया जा रहा है, वह कंपनी शराब बनाने का काम नहीं करती हो। लेकिन यू-फ्लैक्स के स्वामित्व वाली डिस्टलरी भी है, जिसका नाम यूबीआईओ केमिकल्स लिमिटेड है। उन्होंने कहा कि अब तक होलोग्राम का ठेका प्रतिवर्ष 1.75 करोड़ रुपये में दिया जाता था, चार गुना अधिक पर टेंडर दिए जाने की स्थिति में यह आंकड़ा लगभग 7 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को हर मोर्चे पर उठाएगी। भाजपा प्रदेश सरकार के खिलाफ जो चार्जशीट लाने वाली है, उसमें भी इस मामले को शामिल किया जाएगा।
भाजपा ने विधानसभा में उठाया था होलोग्राम का मुद्दा
होलोग्राम का मुद्दा भाजपा ने 20 मार्च 2015 को विधानसभा में उठाया था। भाजपा विधायक गणेश जोशी ने विधानसभा में पूछा था कि क्या यू-फ्लैक्स कंपनी को सात पैसे के बदले अधिक कीमत पर टेंडर दिया जा रहा है। विधायक ने ई-टेंडरिंग सहित अन्य मुद्दों को भी विधानसभा में उठाया था। उस वक्त सरकार की ओर जवाब दिया गया था कि होलोग्राम का ठेका नहीं दिया गया है।
क्यों है होलोग्राम की व्यवस्था
शराब की बोतल पर होलोग्राम की व्यवस्था इसलिए की जाती है, ताकि क्वालिटी चेक हो सके। इसका दूसरा मकसद होता है कि उत्पादक कंपनी टैक्स के मद में हेराफेरी न करे सके। साथ ही नकली और घटिया शराब की बिक्री को रोकने के लिए होलोग्राम की व्यवस्था की गई है।