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पूर्व आईएफएस बहुगुणा पर दांव खेलेगा रक्षा मोर्चा
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 04 Sep 2016 10:55 AM IST
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पूर्व सैनिकों और रिटायर्ड अफसरों के सहारे अपनी चुनावी बिसात बिछा रहा उत्तराखंड रक्षा मोर्चा पूर्व आईएफएस डॉ. वीके बहुगुणा पर दांव खेल सकता है। डॉ. बहुगुणा को मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। डॉ. बहुगुणा उत्तराखंड के अलावा केंद्र और विभिन्न राज्यों में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। त्रिपुरा शासन में वे प्रमुख सचिव भी रहे हैं।
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छोटे-छोटे दलों, सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं, आंदोलनकारियों, रिटायर्ड अफसरों, पूर्व सैनिकों के संगठनों का महा गठबंधन बनाने की रणनीति के साथ मोर्चा प्रदेश में कांग्रेस-भाजपा से इतर राजनीतिक विकल्प खड़ा करने का दावा पिछले लंबे समय से करता आया है।
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मोर्चा की पिछले दिनों विभिन्न संगठनों और छोटे छोटे दलों के साथ हुई बैठकों में इसके संकेत भी मिले हैं। इसी कड़ी में अब रक्षा मोर्चा ने भारतीय अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के पूर्व महानिदेशक रह चुके डॉ. वीके बहुगुणा को कमान सौंपने के निर्णय को लगभग अंतिम रूप दे दिया है।
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बहुगुणा के बहाने मोर्चा टिहरी लोकसभा सीट पर भी अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। दरअसल, डॉ. बहुगुणा मूल रूप से चंबा (टिहरी गढ़वाल) के रहने वाले हैं। मोर्चा सूत्रों के मुताबिक डॉ. बहुगुणा ने भी जल्द मोर्चा में शामिल होने की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने कोई पद लेने या चुनाव लड़ने की बात से इनकार किया है।
पूर्व आईएफएस डा. रावत को लाने की भी हुई थी कोशिश
मोर्चा ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएफएस डॉ. आरबीएस रावत को अपने पाले में शामिल करने की पुरजोर कोशिश की थी। बाकायदा मोर्चा पदाधिकारियों की मौजूदगी में डॉ. रावत ने आयोग से होने वाली भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस कर आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की घोषणा भी की थी। उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और मोर्चा की उन्हें साथ लाने की रणनीति विफल रही।
‘उत्तराखंड में 65 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र है। राज्य के विकास और रोजगार में वन कानून सबसे ज्यादा आड़े आते रहे हैं। इससे निपटने के लिए हमें काफी समय से फारेस्ट और उससे संबंधित कानूनों की बारीकी से जानकारी रखने वाले चेहरे की तलाश थी। पूर्व आईएफएस डॉ. आरबीएस रावत को मोर्चा में शामिल करने की रणनीति अंतिम समय में नाकाम रह गई थी। अब काफी मंथन के बाद डॉ. बहुगुणा को मोर्चा की कमान सौंपने की तैयारी है।’
- पीसी थपलियाल, संयोजक उत्तराखंड रक्षा मोर्चा