पहाड़ को और बीमार करेगी पोस्टिंग में हो रही राजनीति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में पहाड़ पर डॉक्टरों की तैनाती के लिए सरकार की नीति पर राजनीति भारी पड़ रही है। नवनियुक्त 282 चिकित्सकों की पहली तैनाती में ही नियमावली का अनुसरण नहीं किया गया।
ऐसे में नवनियुक्त डॉक्टरों की तैनाती में सियासी दखल से हुआ संशोधन विभाग की दिक्कतें बढ़ाएगा। सरकार एक तरफ जहां डीएसीपी (डायनेमिक एश्योर्ड कॅरियर प्रोग्रेशन) लाने का दावा कर रही है, वहीं नए 282 चिकित्सकों के तैनाती स्थल में फेरबदल कर उन्हें आपदाग्रस्त जनपदों से उतारा गया है।
बताया जा रहा है कि नियमावली के आधार पर शासन के चिह्नित तबादला स्थलों में सरकार ने लगभग 33 चिकित्सकों के तैनाती स्थल में परिवर्तन किया है। आयोग से अभ्यर्थियों की ज्येष्ठता लोक सेवा आयोग से प्राप्त हुई है।
वरिष्ठता क्रम के आधार पर तैनाती स्थल आवंटित किया गया, लेकिन तैनाती स्थल में आखिरी समय पर हुए बदलाव से कई सवाल खड़े हो गए। कई चिकित्सकों को संशोधित सूची में राजधानी के निकट के अस्पतालों में तैनाती दी गई है, जिससे विभाग की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
गौरतलब है कि अभी 29 नवचयनित चिकित्सकों की तैनाती होनी शेष है, इनके दस्तावेज लोक सेवा आयोग से महकमे को देर से प्राप्त हुए हैं।
तैनाती सूची में अंतिम समय में हुआ संशोधन
नीति में नए डॉक्टरों के लिए केवल अतिदुर्गम का प्रावधान है, लेकिन दुर्गम में भी अस्पतालों में चिकित्सक नहीं होने से शासन ने इसमें फेरबदल किया। नवचयनित चिकित्सकों को पहले दुर्गम में तैनात किया गया, जहां पद भरने के बाद अति दुर्गम में रखा गया। इसका उद्देश्य तैनाती को तर्कसंगत बनाने के लिए किया गया, लेकिन अंतिम समय में हुए सियासी दखल से कोशिश नाकाम हुई है।
सीएम के अनुमोदन से हुआ संशोधन
नवचयनित चिकित्सकों की तैनाती के लिए स्थान चिन्हीकरण और आवंटन महानिदेशालय स्तर पर कर लिया गया था। इसके बाद सूची शासन को भेजी जिसमें स्वास्थ्य मंत्री और सीएम का अनुमोदन लिया।
बावजूद इसके सीएम के अनुमोदन के बाद एक संशोधित तैनाती सूची जारी हुई, जिसे अनुमोदन से पूर्व शासन स्तर से मांगा तक नहीं गया। इसमें चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी जैसे जनपदों में डॉक्टर कम कर देहरादून, अल्मोड़ा नैनीताल में बढ़ाए गए हैं।