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भाजपा के गले की फांस बनेगा फर्जी बिल घोटाला
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 22 Nov 2014 02:13 AM IST
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विधानसभा सत्र से ठीक पहले फर्जी पेट्रोल बिल घोटाले में एफआईआर के आदेश से प्रदेश की सियासत गर्म होने के पूरे आसार हैं। स्वास्थ्य महकमे में एनआरएचएम एक्सपायर दवा घोटाले के बाद अब फर्जी बिलों पर करोड़ों की चपत का मामला भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
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पूरा खेल 2009-10 से 2012-13 के बीच का है। इस दौरान राज्य के सीएम रमेश निशंक पोखरियाल थे। स्वास्थ्य महकमा भी उन्हीं के पास था। निशंक के बाद बीसी खंडूड़ी दोबारा सीएम बने। जब मामला प्रकाश में आया तो कांग्रेसी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा थे।
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कांग्रेस को मिला एक और तीर
एक्सपायर दवा घोटाले पर भी कांग्रेस लगातार भाजपा को घेरती रही है और अब फर्जी ईंधन बिल घोटाले की तस्दीक ने कांग्रेस के तरकश में एक और तीर मुहैया करा दिया है।
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मामला इसलिए भी अत्यधिक गंभीर है क्योंकि सीएम कार्यालय से भुगतान के फर्जी आदेश जारी हुए हैं। यह किस सीएम के कार्यालय से हुए इसे अभी तक जाहिर नहीं किया गया है।
जांच की भी संभावना
ट्रेवलिंग एजेंसी के खिलाफ एफआईआर तो सिर्फ शुरुआत है। सरकार मामले में उच्च स्तरीय जांच बैठाने के मूड में भी है जिससे भाजपा के खिलाफ मोर्चाबंदी का उसके पास एक और पैना हथियार मिल जाए।