यूपी का मंत्री बोल रहा हूं, ये भतीजे हैं मेरे, छोड़ दो इन्हें' और फिर...
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बाइक सवार तीन युवकों को सीपीयू ने रोका तो उन्होंने वाहन के कागजात और डीएल दिखाने के बजाय सीधे यूपी के मंत्री को फोन लगा दिया। मंत्री जी बताए जा रहे व्यक्ति ने भी युवाओं को नियमों का पालन करने की हिदायत देने की बजाय उनकी हिमायत करते हुए सीपीयू को अपना रौब दिखाया और युवकों को भतीजा बताते हुए छोड़ने के आदेश दे दिए।
21 जून की शाम बूंदा-बांदी हो रही थी। नैनीताल रोड डीडी चौक पर सीपीयू के एसआई बीसी जोशी, धन सिंह समेत कुलदीप सिंह और जगदीश जोशी वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस बीच बिलासपुर की ओर से तीन युवक डिस्कवर पर आते दिखे तो सीपीयू ने उन्हें रोका।
बाइक चला रहे युवक से वाहन के कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस मांगा। सीपीयू के मुताबिक, युवक ने अपने को यूपी के मंत्री का भतीजा बताते हुए कागजात दिखाने के बजाय सीधे मोबाइल मिला दिया और सीपीयू कर्मी के हाथ में यह कह कर थमा दिया कि यूपी के सिंचाई मंत्री बात करेंगे।
सीपीयू टीम ने क्या किया, खुद की पढ़ें
सीपीयू ने बात की तो उधर से जवाब आया कि मैं यूपी का सिंचाई मंत्री बोल रहा हूं। ये भतीजे हैं मेरे, बाइक को छोड़ दो। सीपीयू के जवान ने फोन युवक को थमा दिया और कागजात न दिखाने पर बाइक सीज कर दी।
उधर सीपीयू ने बताया कि बाइक पर तीन लोग सवार थे। बाइक चला रहे युवक यादराम पुत्र ब्रजलाल निवासी बरेली के थाना सिरौली के ग्राम गुलड़िया उपरौल ने कागजात नहीं दिखाए। इसलिए बाइक सीज कर दी गई। इस मामले में एसएसपी डा. सदानंद दाते का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है।
तीन युवक बिना हेलमेट, कागजात और डीएल के पाए गए। सीपीयू ने तलाशी ली तो उनमें से किसी एक ने अपने को मंत्री का भतीजा बताया है, फिलहाल यातायात नियमों के उल्लंघन में बाइक सीज कर दी गई है।