सात फेरों से पहले मंडप पर पहुंची पुलिस, बिना दुल्हन के लौटी बारात
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दूल्हा-दुल्हन के सात फेरे होने ही वाले ही थे, तभी वहां पुलिस आ पहुंची। इसके बाद जो बवाल हुआ, उसके बाद बारात को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
मामला पिथौरागढ़ जनपद के गंगावली क्षेत्र स्थित नौतस घाटी से जुड़ा है। यहां के एक दूरस्थ गांव में नाबालिग के सात फेरों से पहले ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। प्रशासन की सख्ती पर बरात को खाली हाथ लौटना पड़ा।
नौतस घाटी के एक गांव में नाबालिग की शादी होनी थी। बारात बागेश्वर जिले के दूरस्थ खातीगांव क्षेत्र से आई थी। एक दिवसीय विवाह कार्यक्रम था। विवाह वाले घर में बारात सहित आमंत्रित लोगों के भोजन का इंतजाम भी कर लिया गया था।
दुल्हन के दरवाजे पर बारात और पुलिस दोनों साथ पहुंची
बारात दुल्हन के दरवाजे के पास पहुंच गई। इसी दौरान राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में राजस्व दल पहुंच गया। राजस्व दल ने दुल्हन की उम्र पूछी और दस्तावेज दिखाने को कहा। दस्तावेजों के अनुसार दुल्हन की उम्र 17 वर्ष निकली।
दुल्हन के अवयस्क होने पर राजस्व दल ने कानून का हवाला देते हुए शादी रोकवा दी। कुछ लोगों ने विरोध किया तो जबरन शादी करने पर हवालात भेजने की धमकी दी।
राजस्व दल की इस चेतावनी के बाद बारातियों और घरातियों में हड़कंप मच गया। शादी के जश्न का रंग बदल गया। राजस्व दल ने दूल्हे सहित उसके परिजनों को कानून की जानकारी दी। इसके बाद बाराती उल्टे पांव लौट गए।