'पांचवी' पास मास्टर माइंड, तीन नोट से तैयार किए तीन लाख रुपये
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पुलिस ने कलर फोटो स्टेट वाले प्रिंटर से जाली नोट बनाकर बाजार में चलाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि इस वारदात को अंजाम देने वाला पांचवीं पास मास्टर माइंड और झाड़फूंक सदस्यों का गिरोह है।
मास्टर माइंड सहित गिरफ्तार हुए पांच सदस्यों के कब्जे से 90 हजार रुपये के जाली नोट और प्रिंटर समेत उपकरण भी बरामद हुए हैं। इस गिरोह को पांचवी पास मास्टर माइंड लईक चला रहा है।
गिरोह ने सौ रुपये के तीन असली नोटों से करीब साढ़े तीन लाख रुपये तैयार किए। बरामद हुए 90 हजार के जाली नोट इन्हीं तीन असली नोट के सीरीज के हैं।
बताया कि दो साल पहले बिजनौर में जेल जाने के दौरान उसकी मुलाकात सोनू और महेश से हुई थी। उन्होंने ने लईक को जाली नोट बनाने का आइडिया दिया।
जिसके बाद उसने कलर फोटो स्टेट निकालने वाला प्रिंटर, कटर, ग्लाइटर जैल पेन आदि खरीदा और गिरोह जोड़कर जाली नोट बनाने और चलाने का धंधा शुरू कर दिया।
गिरोह का सदस्य देवबंद यूपी निवासी उस्मान काफी समय से झबरेड़ा में झाड़फूंक का काम भी कर रहा था। पिछले दिनों सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने अलीहसन उर्फ कुरबान पुत्र मकसूद निवासी खेड़ा मुगल थाना देवबंद को 15 हजार जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। उस दौरान उस्मान फरार होने में कामयाब रहा था।
शाम के समय बाजार में चलाते थे नकली नोट
मास्टर माइंड सहित गिरफ्तार हुए पांच सदस्यों के कब्जे से 90 हजार रुपये के जाली नोट और प्रिंटर समेत उपकरण भी बरामद हुए हैं।
खास बात ये है कि चार फरवरी को बरामद हुए 15 हजार के नकली नोट भी इन्हीं तीन सीरीज के निकले थे। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि गिरोह नकली नोट अक्सर शाम के समय बाजार में चलाता था।
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट की अक्सर लोग जांच परख करते हैं, मगर सौ रुपये का नोट जाली होने का शक अमूमन लोगों को नहीं होता। इसी का फायदा गिरोह उठाता था।
रुड़की में महीने भर पहले भी 15 हजार रुपये के नकली नोट सहित एक आरोपी गिरफ्तार हुआ था। पुलिस को लगातार गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थी।
मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल की अगुवाई में एक पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उन्होंने अपने नाम लईक अंसारी निवासी शहबाजपुर, कोतवाली देहात बिजनौर यूपी, साजिद निवासी बंतीखेड़ा, बावरी शामली यूपी, उस्मान निवासी थीथकी देवबंद सहारनपुर, गयूर निवासी गांव लुहारी चरथावल मुजफ्फरनगर और अमजद निवासी सुल्तानपुर आदमपुर लक्सर हरिद्वार बताया।
90 हजार के नकली नोट मिलने पर पुलिस ने उनकी निशानदेही पर लक्सर में अमजद के घर से कलर फोटो स्टेट निकालने वाला प्रिंटर, कटर समेत जाली नोट बनाने का सामान भी बरामद कर लिया।
मास्टर माइंड लईक ने कुबूल किया कि उन्होंने सौ सौ रुपये के करीब साढ़े तीन लाख की रकम तैयार की थी। 25 हजार रुपये में एक लाख के जाली नोट देकर बाजारों में चलाए जाते थे।
सीओ कुलदीप असवाल ने बताया कि लईक दो बार पहले भी जाली नोट चलाने में बिजनौर से जेल गया है। जबकि उस्मान पर देवबंद में जाली नोट चलाने व वाहन चोरी समेत आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं।
सीओ रुड़की कुलदीप असवाल ने मंगलवार को गंगनहर कोतवाली में गिरोह का खुलासा किया।
...तो अर्द्धकुंभ में चलाए जा रहे थे जाली नोट
गिरोह के तार यूं तो बिहार तक से जुड़े बताए जा रहे हैं। मगर सूत्र कहते हैं कि ज्वालापुर निवासी एक युवक ने भी कुछ जाली नोटों की खेप गिरोह से खरीदी थी।
माना जा रहा है कि युवक ने जाली नोट हरिद्वार अर्द्धकुंभ में चलाए होंगे। पुलिस और खुफिया विभाग अब उस युवक की तलाश में जुटा है। गिरोह के पकड़े जाने से ये खुलासा भी हुआ है कि उनके चलाए गए जाली नोट फिलहाल भी जिले में एक जेब से दूसरी जेब घूम रहे हैं।
ये थी गिरोह पकड़ने वाली टीम
गिरोह पकड़ने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल, पुरानी तहसील चौकी प्रभारी रणवीर सिंह चौहान, अस्पताल चौकी प्रभारी सुभाष चंद्र, कांस्टेबल कपिल देव, देवेन्द्र ममगाई, इसरार, सोनू कुमार, सुनील चौहान, सहंसरपाल, पंकज देवली, दिनेश पंवार व एसओजी सिपाही आशीष शर्मा शामिल रहे।