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पुलिस अफसरों का पहाड़ से उतरना हुआ मुश्किल
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 19 Nov 2014 04:46 AM IST
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पहाड़ों पर तैनात अधिकारियों के राजधानी प्रेम पर हाईकोर्ट के कड़े रुख का असर पुलिस विभाग पर भी नजर आने लगा है। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के बिना अनुमति दून दौरे पर रोक लगा दी है।
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उधर, 10-12 साल से मैदानी क्षेत्रों में डटे 36 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण पहाड़ी क्षेत्रों में कर दिया गया है।
दून आने से पहेल लेनी होगी अनुमति
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने कहा कि कई अधिकारी बिना बताए पुलिस मुख्यालय में डेरा डाले रहते हैं, जिससे आम लोगों को दिक्कत होती है। अब एएसपी, एसएसपी और डीआईजी को दून आने से पहले कारण बताकर अनुमति लेनी होगी।
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ऐसा न होने पर अनुशासनहीनता के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हर जिले के एसपी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अधीनस्थ अधिकारियों पर भी इस व्यवस्था को लागू करे।
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44 पुलिसकर्मियों के तबादले
उधर, डीआईजी संजय गुंज्याल ने मंगलवार को रेंज के 44 पुलिसकर्मियों को इधर-उधर कर दिया है। इनमें 36 पुलिसकर्मी लंबे समय से मैदानी क्षेत्र में जमे हुए थे।
इन्हें चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग आदि जिलों में तैनाती दी गई है। जबकि 8 पुलिसकर्मी को पहाड़ से मैदानी क्षेत्रों में भेजा गया है। डीआईजी का कहना है कि जल्द ही उप निरीक्षक और इंस्पेक्टरों को भी स्थानांतरित किया जाएगा।