हरिद्वार: होटलों, आश्रमों के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
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अमर उजाला, हरिद्वार
रविवार को हरिद्वार के भूपतवाला एवं सप्तऋषि क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के चौड़ीकरण के लिए बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। अपने-अपने भवन-दुकानों को बचाने के लिए लोगों ने दिनभर जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन भी किए लेकिन प्रशासनिक टीम के कदम नहीं रुके।
सप्तऋषि में विनोद मिश्रा, दीप तिवारी, किशनपुरी, मोहित नवानी, राजवीर पुरी, मास्टर सतीश चंद्र शर्मा आदि ने अतिक्रमण हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया। चौकी सप्तऋषि के सामने रमेश गुप्ता का शो रूम भी तोड़ दिया लेकिन उन्होंने और सामान उठाने के लिए सोमवार तक का समय प्रशासनिक टीम से मांगा है।
गंगा स्वरूप आश्रम के पास मास्टर सतीश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में प्रभावित दुकानदारों ने समय न देने के विरोध में कुछ देर धरना दिया। धरना देने वालों में अतुल कपूर, रामकुमार, संजीय दिवान, पूरन पांडेय, राम सिंह बबलू आदि मौजूद रहे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है प्रशासन की ऐसी सख्ती पहले कभी नहीं देखी।
न मुआवजा मिला न नोटिस
जयराम पीठाधीश्वर बह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कुरुक्षेत्र से फोन पर बताया कि राष्ट्रहित में अच्छा काम हो रहा है। हालांकि गंगास्वरूप आश्रम के संबंध में उन्हें न अभी मुआवजा मिला और न नोटिस दिया गया है। फिर भी वह राष्ट्रहित के काम का विरोध नहीं करेंगे।
बोले एसडीएम
फोरलेन में आए अधिकतर भवन तोड़ दिए गए हैं। कुछ लोगों ने जेनरेटर आदि शिफ्ट करने के लिए एक-दो दिन का समय और मांगा है। एक आश्रम का बड़ा हिस्सा तोड़ा जाना अभी शेष है, इसके लिए योजना बनानी पड़ेगी।
-बीर सिंह बुद्धियाल, एसडीएम सदर।
सीओ व्यवस्था संभालने में जुटे
सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह, सीओ यातायात जगदीश आर्य खुद व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। देरशाम तक हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि रायवाला-भूपतवाला में अतिक्रमण ध्वस्तीकरण के दौरान वाहनों को कई बार रोकना पड़ा। इससे आमजनों को परेशानी झेलनी पड़ी।
पिताजी आपके लिए दूसरा घर बना दूंगा
अपना मकान टूटते देखकर एक बुजुर्ग रोने लगा तो उनके बेटे ने उसे ढांढस बंधाया। कहा कि पिताजी रोओ मत, मैं आपके लिए दूसरा मकान बना दूंगा।
इन प्रमुख भवनों के हिस्से तोड़े
वैंकटधाम आश्रम, तीन बड़े होटल, भगवतधाम की दीवार, आसाराम अपार्टमेंट की दीवार, होटल पार्क व्यू, होटल हरि-हेरिटेज, शांतिकुंज का गेट, उसके सामने के ढाबे, पूर्व प्राचार्य ओमप्रकाश भट्ट का टिन शेड, होटल सिटीजन की दीवार, जैन मंदिर की दीवार, शांति निवास (बिरला हाउस) की दीवार, अमृत गंगा अपार्टमेंट की आठ दुकानें, गंगानाथ कुटी, सुखधाम धर्मशाला की दीवार, नीलकंठ धाम, रामानंद वाटिका, नारायण निवास, हीरापुरी परमधाम, शिव सदन की दीवार, गोकुल धाम, विवेकेश्वर महादेव आश्रम, नीलकंठ आश्रम, आंशिक गंगा स्वरूप आश्रम, दूधाधारी हास्पिटल का गेट, मोक्षधाम आश्रम, महंत श्यामपुरी की दुकानें, दूधाधारी आश्रम का मेन गेट, रावी प्रेम सभा धर्मशाला का गेट।