किडनी गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस ने कई शहरों में की छापेमारी, हाथ लगे अहम सुराग
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पुलिस किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट के काले धंधे में शामिल किरदारों की चौतरफा घेराबंदी में जुट गई है। बुधवार को पुलिस ने कई शहरों में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग हाथ लगे।
छापेमारी कर पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों को खंगालने के साथ ही उनके पासपोर्ट, आधार कार्ड और पेन नंबर का डाटा जुटा लिया गया है। उनकी तलाश में मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम और हरियाणा के कई इलाकों में पुलिस की छापेमारी जारी है।
इसी बीच किडनी गवाने वाले दो पीड़िताें के बयान दर्ज कराने के साथ ही नेचर विला रिजॉर्ट की छानबीन भी शुरू हो गई है। वहीं, अस्पताल को लीज पर देने वाले उत्तरांचल डेंटल कॉलेज की भूमिका की भी जांच हो रही है।
देहरादून-हरिद्वार रोड पर लालतप्पड़ स्थित उत्तरांचल डेंटल कॉलेज के परिसर में गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट करने का काला धंधा उजागर होने के बाद पुलिस नेटवर्क में शामिल लोगों की कुंडली खंगालने में जुटी है।
पीड़ितों के बयान दर्ज, रिजॉर्ट की छानबीन शुरू
मंगलवार को विदेश भागने की आशंका में पुलिस ने सात आरोपियों का लुक आउट नोटिस जारी कर दिया था। पुलिस जांच में अब तक जितने भी नाम आए हैं, उनके बारे में पूरी जानकारी जुटा ली गई है। एक नया नाम अमिश कुमार के रूप में सामने आया है।
मास्टर माइंड डॉ.अमित और अमिश के पिता का नाम एक होने के चलते पुलिस दोनों को भाई मान कर चल रही है। पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी के लिए छह टीमों को गुरुग्राम, बागपत, दिल्ली, हरियाणा और मुंबई भेजा है। इसके अलावा सर्विलांस और बैंक खातों के जरिये उनके खिलाफ दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने का काम तेज कर दिया गया है। वहीं, अस्पताल से जुड़े करीब 13 कर्मचारियाें से पूछताछ मेें पुलिस ने काफी कुछ जुटा लिया है।
पीड़ितों के बयान दर्ज, रिजॉर्ट की छानबीन शुरू
ओमान के चार विदेशियों के अलावा किडनी निकालने का मास्टर माइंड डॉ.अमित भी नेचर विला रिजॉर्ट में ठहरता था। हालांकि रिकार्ड में यह नहीं पता चल सका है कि वो कब-कब आया। पुलिस ने बुधवार को रिजॉर्ट का एंट्री रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया। विवेचक ने अदालत से नेचर विला रिजॉर्ट की तलाशी को सर्च वारंट मांगा है, जिस पर बृहस्पतिवार को फैसला होगा। उधर मेडिकल परीक्षण के बाद चार पीड़ितों के 164 के बयान दर्ज कराने को सीजेएम कोर्ट भेजा गया था, जहां पर अभी दो पीड़ितों के ही बयान दर्ज हो पाए हैं।
पुलिस को इनकी है तलाश
वर्षों से आपस में जुडे़ हैं सभी किरदार
किडनी कांड में सामने आए अधिकांश चेहरे वर्षों से इस धंधे में शामिल हैं। हर किसी का पुलिस रिकार्ड है। जब भी उनकी गैर कानूनी करतूतों का भंडाफोड़ होता है तो आरोपी कुछ समय भूमिगत होकर दूसरे राज्य में यह धंधा शुरू कर देते हैं। एसएसपी डॉ.निवेदिता कुकरेती ने बताया कि यह लोग काफी समय से आपस में जुड़े हैं।
पुलिस को इनकी है तलाश
डॉ.अमित कुमार पुत्र पुरुषोत्तम निवासी 215 खक्करपुर सौरा मंगल गुड़गांव और कौशाल्या एंड हास्पिटल खार मुंबई।
डॉ.अक्षय कुमार उर्फ राउत पुत्र अमित कुमार निवासी उपरोक्त।
डॉ.संजय दास पुत्र छोटेलाल दास निवासी नगर परिषद वार्ड नंबर पांच फ ोर्सगंज, अररिया बिहार।
सुषमा कुमारी पुत्री रतन लाल केडिया निवासी सोन वर्षा राज सहरसा बिहार।
राजीव चौधरी पुत्र सुरेन्द्र पाल सिंह निवासी आदर्श नगर बड़ौत जिला बागपत।
चंदना गुड़िया निवासी कलकत्ता पश्चिम बंगाल।
जगदीश भाई निवासी शिव ट्रेडिंग उदयनगर सचिन जीआईडीसी सूरत।
आरोपियों की धरपकड़ की कोशिश के साथ ही उनके खिलाफ दस्तावेजी साक्ष्याें का संकलन किया जा रहा है। ओमान के चार विदेशियों के बारे में अभी साफ नहीं हो सका है कि वो देश में हैं या चले गए हैं।
-निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून