कांग्रेस नेता के बेटों को पुलिस ने सरेआम पीटा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बराबर में आटो हटाने के विवाद में ट्रैफिक और सीपीयू के जवानों ने कांग्रेस नेता के दो बेटों की सरेआम पिटाई कर दी।
इसके बाद व्यापारियों ने बाजार बंद कर ग्लोब चौक पर करीब ढाई घंटे तक जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ की जमकर नारेबाजी। राजपुर विधायक की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हो सका।
देर रात एसएसपी पुष्पक ज्योति ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के सिपाही कुलदीप गुसाईं और सीपीयू जवान अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा के बेटे अभिनंदन शर्मा उर्फ भानु और वरुण शर्मा सोमवार दोपहर करीब दो बजे कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बराबर में स्थित बैंक से निकलकर आटो को राजपुर रोड जाने के लिए रोका।
इसी बीच ट्रैफिक के सिपाही ने जाम लगने की बात कहते हुए चालक को आटो आगे ले जाने को कहा। चालक ने थोड़ा आगे बढ़ाकर आटो फिर रोक दिया। इस पर सिपाही भड़क गया। उसने तेवर दिखाए तो अभिनंदन ने विरोध किया। इसी बात पर दोनों में पहले गरमागरमी और बाद में हाथापाई हो गई।
इसके बाद पुलिसकर्मी अभिनंदन और वरुण को ले जाने लगे। इसी बीच सिटी पेट्रोल यूनिट के जवान भी दोनों भाइयों को पीटते हुए ग्लोब चौक तक ले आए।
CM ने भी कही पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की बात
घटना से गुस्साए व्यापारियों ने बाजार बंद कर ग्लोब चौक पर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की घ्और जाम लगा दिया। मौके पर आए पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जांच कराने के बाद आरोपी पुलिस वालों को लाइनहाजिर किया जाएगा।
इस बीच कांग्रेस विधायक राजकुमार ने पुलिस की हरकत पर कड़ी नाराजगी जताई। बाद में वह कांग्रेस नेता लालचंद शर्मा और उनके बेटे अभिनंदन के साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने चले गए। सीएम से मिलने के बाद विधायक राजकुमार ने बताया कि सीएम ने पूरी बात सुनने के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की बात कही है।
आरोपी सिपाही को घेरे रहे व्यापारी
नेता पुत्रों की पिटाई से आक्रोशित व्यापारी काफी देर तक पुलिस वाहन में बैठे मारपीट के आरोपी सिपाही को घेरे रहे। तनाव के चलते पुलिस अधीक्षक देहात मणिकांत मिश्रा और कई थानों की पुलिस को मौकेपर लगाया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने साधी चुप्पी
मारपीट प्रकरण में दोपहर से लेकर रात तक चले हंगामे में पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे रहे। फोन रिसीव करने के बजाए मीटिंग में होने का एसएमएस कर कुछ भी कहने से बचते रहे।
बदतमीजी का विरोध करने की सजा
कांग्रेस नेता के बेटे अभिनंदन शर्मा का कहना था कि उनका कोई विवाद नहीं था। आटो चालक के साथ बदतमीजी का विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट कर दी।
वीडियो रिकार्डिंग का अवलोकन
सिटी पेट्रोल यूनिट द्वारा की गई वीडियो रिकार्डिंग का पुलिस अधिकारियों ने कई बार अवलोकन किया। प्रत्यक्षदर्शियों से भी अकेले में बातचीत की गई।
सीपीयू का विवादों से नाता
शहर में हेलमेट की अनिवार्यता में अहम भूमिका निभाने वाली सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) का अस्तित्व में आने से ही विवादों से नाता जुड़ गया। कई ऐसे मौके आए जब सीपीयू के गठन पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेता के बेटों से मारपीट की घटना ने सुलग रही विरोध की चिंगारी को हवा दे दी।
सीपीयू के गठन के साथ जवानों को अच्छे व्यवहार का पाठ पढ़ाया गया था, लेकिन अपने व्यवहार की वजह से अक्स सीपीयू सवालों के घेरे में रही। जानकार बताते हैं कि ट्रैफिक नियमों का पालन कराने में सीपीयू का बड़ा योगदान रहा है, लेकिन उसकी कई गतिविधियां आलोचना के घेरे में रही हैं।
दरअसल, सीपीयू की कमान डीजीपी के हाथों में होने की वजह से निचले स्तर के किसी अधिकारी पर इस पर नियंत्रण नहीं है। यही वजह है कि कई बार सीपीयू के जवानों पर मनमानी करने का आरोप लगता रहा है। लोकसभा चुनाव के दिन भी सब्जी मंडी चौक पर बवाल हुआ था।
कांग्रेस विधायक राजकुमार तो पहले दिन से ही सीपीयू के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। सोमवार को कांग्रेस नेता के बेटे से हुई मारपीट ने सीपीयू के खिलाफ लामबंदी का मौका दे दिया।