पुलिस ने विधायकों से पूछा, कैसी चाहिए सुरक्षा
- देहरादून से जुड़े 10 विधायकों ने सुरक्षा को बताया पर्याप्त
- भाजपा, कांग्रेस और पीडीएफ एमएलए के लिए अलग दस्ता
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने में जुटी पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विधानसभा में दस मई को प्रस्तावित फ्लोर टेस्ट के दौरान विधायकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस किसी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस ने प्रदेश भर में सभी दलों के विधायकों से सुरक्षा बढ़ाने की पेशकश की है।
पूछा है कि उन्हें कैसी सुरक्षा चाहिए। विधानसभा तक जाने के लिए पुलिस उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया। देहरादून जिले के करीब दस विधायकों ने अब तक उपलब्ध दो गनरों को पर्याप्त माना है। खासतौर से बहुमत साबित करने वाले दिन पुलिस के लिए विधायकों की सुरक्षा अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा फ्लोर टेस्ट कराने के साथ विधायकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। शासन से लेकर पुलिस के आला अफसर यह सुनिश्चित कराने में जुटे है कि विधायकों को उनकी मांग के अनुरूप सुरक्षा उपलब्ध करा दी जाए। उसी कड़ी में प्रदेश भर के भाजपा, कांग्रेस, बसपा, यूके डी और निर्दलीय विधायकों से पुलिस और स्थानीय अभिसूचना अधिकारियों के जरिए यह पूछा है कि उन्हें किस तरह की सुरक्षा चाहिए।
घर के अलावा विधानसभा जाने के लिए क्या उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा चाहिए। सूत्रों की मानें तो अभी तक किसी विधायक की तरफ से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग नहीं की गई है। बता दें कि पहले से विधायकों को दो-दो गनर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि बर्खास्त नौ विधायकों को केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सुरक्षा है।
डीजीपी ने सुरक्षा प्रबंधों पर किया मंथन
पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने शनिवार को अपर पुलिस महानिदेशक, आईजी, डीआईजी और दून के पुलिस कप्तान के साथ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन किया।
बताया गया कि सत्र के दौरान तमाम मार्गों को बेरिकेडिंग कर सील कर दिया जाएगा। विधायकों के अलावा किसी को भी उधर जाने की इजाजत नहीं होगी। भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच टकराव टालने के लिए शहर भर में पुलिस सतर्क रहेगी। डीजीपी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।