नौ दिन से उपवास पर बैठे अनशनकारी को पुलिस ने आधी रात को उठाया, आंदोलनकारियों में उबाल
यहां नौ दिन से उपवास पर बैठे प्रजम अध्यक्ष अनिल स्वामी को बुधवार देर रात करीब 1.20 बजे पुलिस-प्रशासन ने जबरिया उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्रशासन की कार्रवाई से आंदोलनकारियों का गुस्सा भड़क उठा।
आधी रात को ही सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने विधायक के पोस्टरों को फाड़कर आग लगा दी। भारी विरोध की आशंका से बृहस्पतिवार को संयुक्त अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी तीन सूत्री मांगों को लेकर दो जनवरी से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ थे। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी। इसे देखते हुए बुधवार को डीएम और एसएसपी स्वामी का उपवास तुड़वाने धरना स्थल पहुंचे, लेकिन स्वामी ने अनशन तोड़ने से साफ इंकार कर दिया।
स्वामी के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने चार पुलिस कर्मी धरना स्थल पर तैनात कर दिए। बुधवार मध्य रात्रि में स्वामी उठकर कमरे में चले गए और आंदोलनकारियों ने दरवाजे पर ताला लगा दिया।
स्वामी की तीन मांगें
मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने की सूचना पर एसडीएम माया दत्त जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, तहसीलदार सुनील राज और कोतवाल एनएस बिष्ट फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कटर की मदद से ताला काट डाला।
अंदर से कुंडी लगी होने पर पुलिस को दरवाजा खोलने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कमरे के अंदर दाखिल होते ही पुलिस स्वामी को सीधे बेस अस्पताल ले आई। अस्पताल में उनको चाय पिलाई गई। साथ ही ड्रिप चढ़ाई गई। इसी बीच संयुक्त अस्पताल परिसर में लगे आंदोलनकारियों के टेंट को भी पुलिस ने उखाड़ दिया।
स्वामी की तीन मांगें
-संयुक्त अस्पताल में हो डॉक्टरों की तैनाती
-शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाए
-एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का हो निर्माण