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Dehradun News: काव्य गोष्ठी में कवि-शायरों ने रचनाओं से जमाया रंग
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देहरादून। उत्तराखंड साहित्य सम्मेलन और हिमालय विरासत न्यास की ओर से रविवार को प्रीतम रोड स्थित सभागार में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में कवि और शायरों ने अपनी रचनाओं से साहित्यिक रंग जमाया।
गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार योगेश्वर गौड़ ने की। उन्होंने दो गजलें प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि ओज के कवि श्रीकांत ने पन्ना धाय के पुत्र के बलिदान पर रचना सुनाकर भाव विभोर किया। विशिष्ट अतिथि शायर अंबर खरबंदा ने दोहे प्रस्तुत किए। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नीलमप्रभा वर्मा ने गीत सुनाकर तालियां बटोरीं। उत्तराखंड साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष नरेंद्र उनियाल ने लघुकथाएं सुनाईं।
महामंत्री वीरेंद्र डंगवाल पार्थ ने छंदबद्ध रचनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी को समर्पित गीत गौरा बहुत उदास कि जंगल कट जाएगा सुनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वरिष्ठ कवि बलवीर सिंह राणा अडिग ने वीर जवानों के शौर्य पर रचना प्रस्तुत की। युवा कवि दिव्यांश कुमार की ओजपूर्ण प्रस्तुति को भी सराहना मिली। गढ़वाली और हिंदी में रचनाकर्म कर रहे युवा कवि बृजपाल रावत बृज ने अपनी रचना से खूब तालियां बटोरीं।
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गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार योगेश्वर गौड़ ने की। उन्होंने दो गजलें प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि ओज के कवि श्रीकांत ने पन्ना धाय के पुत्र के बलिदान पर रचना सुनाकर भाव विभोर किया। विशिष्ट अतिथि शायर अंबर खरबंदा ने दोहे प्रस्तुत किए। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नीलमप्रभा वर्मा ने गीत सुनाकर तालियां बटोरीं। उत्तराखंड साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष नरेंद्र उनियाल ने लघुकथाएं सुनाईं।
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महामंत्री वीरेंद्र डंगवाल पार्थ ने छंदबद्ध रचनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी को समर्पित गीत गौरा बहुत उदास कि जंगल कट जाएगा सुनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वरिष्ठ कवि बलवीर सिंह राणा अडिग ने वीर जवानों के शौर्य पर रचना प्रस्तुत की। युवा कवि दिव्यांश कुमार की ओजपूर्ण प्रस्तुति को भी सराहना मिली। गढ़वाली और हिंदी में रचनाकर्म कर रहे युवा कवि बृजपाल रावत बृज ने अपनी रचना से खूब तालियां बटोरीं।
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