फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   pm narendra modi security breach: uttarakhand government reach raj bhavan

पीएम की सुरक्षा में चूक: मामले में उत्तराखंड की सियासत गरमाई, राजभवन पहुंची भाजपा

Sat, 08 Jan 2022 04:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 08 Jan 2022 04:04 PM IST
सार

ज्ञापन में राष्ट्रपति से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई।

विज्ञापन
pm narendra modi security breach: uttarakhand government reach raj bhavan
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : PTI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पीएम की सुरक्षा में लापरवाही और चूक को पंजाब सरकार का षड्यंत्र करार दिया। ज्ञापन में राष्ट्रपति से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के एक बयान को लेकर कहा कि कांग्रेस के इस बड़े नेता को भी उच्च स्तरीय जांच के दायरे में लाना चाहिए।

विज्ञापन


प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत कुमार मित्तल, अनिल गोयल, विधायक सहदेव पुंडीर, शादाब शम्स, विनय गोयल, बलजीत सोनी समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने राज्यपाल को ज्ञापन पढ़कर सुनाया। इसके बाद मुख्यमंत्री और उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र की सुरक्षा में पंजाब की कांग्रेस सरकार पर षड्यंत्र का आरोप लगाया।
विज्ञापन


ज्ञापन में कहा कि राजनीतिक द्वेष से किए गए कार्य पर उत्तराखंड सहित पूरे देश में रोष है। आरोप लगाया कि पंजाब में हर साजिश की जड़ में कांग्रेस की भूमिका है। कांग्रेस को अलगाववाद और आतंकवाद की जन्मदाता करार दिया। कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री की सरक्षा करने में विफल साबित हुई। जगह-जगह गुंडागर्दी कर भाजपा कार्यकर्ताओं से मारपीट की। पंजाब में फिर अराजकता का माहौल बना हुआ है। ऐसे में पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरीश रावत के बयान की उच्चस्तरीय जांच हो : कौशिक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक प्रकरण पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के विवादास्पद बयान की भी उच्चस्तरीय जांच के दायरे में लाने की मांग की। राजभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद कौशिक पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। कौशिक ने आरोप लगाया कि हरीश रावत पंजाब के प्रभारी रहे। चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाने में उनका विशेष योगदान रहा। लिहाजा ऐसे मौके पर हरीश रावत का यह कहना कि पीएम आधे घंटे और इंतजार कर लेते तो क्या बम फूट जाता, साफ इशारा करता है कि उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। इसलिए पीएम की सुरक्षा को लेकर गठित होने वाली उच्च स्तरीय जांच में हरीश रावत को भी शामिल किया जाना चाहिए।

उनसे भी इस मामले में पूछताछ होनी चाहिए कि उन्होंने किस परिप्रेक्ष्य में इस घटना में यह बात कही। इस घटना को लेकर उनके पास और क्या-क्या जानकारी है। पार्टी की ओर से राष्ट्रपति को राज्यपाल के माध्यम से ज्ञापन दिया गया है। कौशिक ने कहा कि हरीश रावत के गैर जिम्मेदाराना बयान साफ चेतावनी है कि आने वाले दिनों में अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। अधिक अफसोस तब होता है जब उनकी पार्टी के दो दो प्रधानमंत्री आतंकवादी घटनाओं में शहीद हुए। पत्रकार वार्ता में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, अजीत नेगी, संजीव वर्मा भी उपस्थित थे।

जहां तक मेरी जानकारी है, प्रधानमंत्री को रैली स्थल तक हेलिकॉप्टर से पहुंचना था। वहां भीड़ न जुट पाने की स्थिति में जानबूझकर सड़क का विकल्प चुना गया। यदि वहां पर अचानक भीड़ जमा हुई तो ये केंद्रीय एजेंसियों की चूक है। भाजपा पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उसे माफ नहीं किया जाएगा। मदन कौशिक हमेशा अतार्किक बात करते हैं।
- गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस

मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे कुछ लोग : हरीश
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के मामले में पूर्व सीएम हरीश रावत ने उनके बयान को कुछ लोगों की ओर से तोड़ मरोड़कर पेश किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि यदि प्रधानमंत्री का काफिला आधा घंटा विलंब से निकलता तो कोई बादल नहीं फट पड़ता, कोई बम नहीं फट जाता। उन्होंने कहा कि यदि उनकी ओर से इस पूरे मामले मेें कहीं कोई चूक नजर आती है तो वह पूरे देश से माफी मांगने को तैयार हैं। 

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की ओर से पूर्व सीएम हरीश रावत को लेकर दिए गए बयान के बाद उनकी यह प्रक्रिया सामने आई है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है। एक वीडियो संदेश जारी कर हरीश रावत ने कहा है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जब बदलाव हुआ और उन्होंने सड़क मार्ग से जाने का निश्चिय किया तो सारे मार्ग को व्यापक रूप से सुरक्षा की दृष्टि से सैनेटाइज किया जाना चाहिए था। किसानों की आंदोलन की स्थिति और उनकी ओर से दी गई चेतावनी का संदर्भ लेते हुए सुनिश्चित कर लिया जाना चाहिए था कि क्या ऐसे स्थिति भी पैदा हो सकती है। 


हरीश ने कहा कि कहीं न कहीं यह एक सामूहिक चूक है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के लिए केंद्रीय एजेंसियां भी जिम्मेदार हैं। उस क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा केंद्र सरकार ने बीएसएफ को सौंपा है, उनको भी इस बात को देखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हरीश ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में यह बात कही थी कि यदि और आधे घंटे का समय ले लेते, प्रधानमंत्री का कारवां आधे घंटे की देरी से रवाना होता तो ऐसी स्थिति नहीं आती। यदि आधा घंटा विलंब हो जाता तो कोई बादल नहीं फट पड़ता, कोई बम नहीं फट जाता। इस सामान्य से बयान का जो लोग राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं, वह उनके पूरे बयान को देखें। यदि उनके पूरे बयान में कहीं भी ऐसी भावना नजर आती है कि वह प्रधानमंत्री की सुरक्षा को हल्के में ले रहे हैं तो वह सारे देश से क्षमा मांगने के लिए तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed