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केदारनाथ में मोदी: पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी अब उसी के काम आएगी, पीएम के भाषण की 10 बड़ी बातें

Fri, 05 Nov 2021 01:31 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, केदारनाथ
अमर उजाला नेटवर्क, केदारनाथ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 05 Nov 2021 01:31 PM IST
सार

केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब चार सौ करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

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Pm Modi in kedarnath 10 big statements of his speech shankaracharya to uttarakhand development everything
केदारनाथ में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : एएनआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह 7.55 बजे केदारनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने न सिर्फ बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना की बल्कि अपने ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ पुनर्निर्माण में सबसे खास आदिगुरु शंकराचार्य समाधि स्थल के पुनर्निर्माण के लोकार्पण के साथ ही शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण भी किया। मालूम हो कि केदारनाथ में मंदिर के पीछे मंदाकिनी नदी किनारे आदिगुरु शंकराचार्य की कुटीर (समाधि स्थल) का निर्माण किया गया है। नवंबर 2019 में तीन चरणों में यह कार्य शुरू किया गया था। दो चरण का काम पूरा हो चुका है। समाधि का निर्माण 36 मीटर गोलाकार में किया गया है जिसकी गहराई छह मीटर है। पूजा व मूर्ति अनावरण के बाद प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित भी किया। जिसमें उन्होंने आध्यात्म से लेकर उत्तराखंड और यहां के लोगों के विकास के बारे में बात की। यहां पढ़िए उनके संबोधन की 10 बड़ी बातें...

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  1. प्रधानमंत्री मोदी ने 'जय बाबा केदार' के जयकारों के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की संस्कृति की व्यापकता का अलौकिक दृश्य है। उन्होंने देश के सभी साधु-संतों को प्रणाम किया। कहा कि भारत की महान ऋषि परंपरा है। कहा सभी का नाम लूंगा तो एक हफ्ता लग जाएगा।
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  3. पीएम मोदी ने कहा गरुड़चट्टी से मेरा पुराना नाता है। कहा कि गाेवर्धन पूजा के दिन मुझे केदारनाथ दर्शन का सौभाग्य मिला है। केदारनाथ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। 2013 की आपदा के दौरान मैंने यहां की तबाही को अपनी आंखों से देखा था। इस दौरान केदारनाथ आपदा को याद कर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए।
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  5. केदारनाथ में हुई तबाही पर प्रधानमंत्री ने कहा कि, बरसों पहले जो नुकसान यहां हुआ था, वो अकल्पनीय था। जो लोग यहां आते थे, वो सोचते थे कि क्या ये हमारा केदार धाम फिर से उठ खड़ा होगा? लेकिन मेरे भीतर की आवाज कह रही थी कि ये पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा।
  6. उत्तराखंड को लेकर अपने सपनों की बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, मैंने जो पुनर्निर्माण का सपना देखा था वो आज पूरा हो रहा है। जो कि सौभाग्य की बात है। इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं।
  7. अपने संबोधन के दौरान पीएम ने उत्तराखंड के सीएम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा मैं इन पुनीत प्रयासों के लिए उत्तराखंड सरकार का, मुख्यमंत्री धामी का और इन कामों की जिम्मेदारी उठाने वाले सभी लोगों का भी धन्यवाद करता हूं।
  8. प्रधानमंत्री ने कहा कि शंकर का संस्कृत में अर्थ 'शं करोति सः शंकरः' यानी, जो कल्याण करे, वही शंकर है। इस व्याकरण को भी आचार्य शंकर ने प्रत्यक्ष प्रमाणित किया। उनका पूरा जीवन जितना असाधारण था, उतना ही वो जन-साधारण के कल्याण के लिए समर्पित थे। आदि शंकराचार्य का जीवन भारत और विश्व कल्याण के लिए था। आज आप श्री आदि शंकराचार्य जी की समाधि की पुन: स्थापना के साक्षी बन रहे हैं। यह भारत की आध्यात्मिक समृद्धि और व्यापकता का बह़त अलौकिक दृश्य है।
  9. प्रधानमंत्री ने शंकराचार्य के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा, जात-पात के भेदभाव से हमारा कोई सरोकार नहीं है। एक समय था जब आध्यात्म को, धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखा जाने लगा था। लेकिन, भारतीय दर्शन तो मानव कल्याण की बात करता है, जीवन को पूर्णता के साथ समग्र तरीके में देखता है। आदि शंकराचार्य ने समाज को इस सत्य से परिचित कराने का काम किया है।
  10. प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य जी ने पवित्र मठों की स्थापना की, चार धामों की स्थापना की, द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पुनर्जागरण का काम किया। आदि शंकराचार्य ने सबकुछ त्यागकर देश, समाज और मानवता के लिए जीने वालों के लिए एक सशक्त परंपरा खड़ी की है। कहा कि हमारे यहां सदियों से चारधाम यात्रा का महत्व रहा है। द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन की, शक्तिपीठों के दर्शन की, अष्टविनायक के दर्शन की, ये सारी यात्राओं की परंपरा है। ये तीर्थाटन हमारे यहां जीवन काल का हिस्सा माना गया है।
  11. पीएम मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। भारत का प्राचीन सांस्कृतिक स्वरूप कैसा रहा होगा, आज हम इसकी कल्पना कर सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में काशी का भी कायाकल्प हो रहा है। विश्वनाथ धाम का कार्य बहुत तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्या, काशी और मथुरा का जिक्र किया। कहा सदियों बाद अब गौरव वापस मिल रहा है। अब देश अपने लिए बड़े लक्ष्य तय करता है।
  12. पीएम ने कहा, चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, चारों धाम हाईवे से जुड़ रहे हैं। भविष्य में यहां केदारनाथ तक श्रद्धालु केबल कार के जरिए आ सकें, इससे जुड़ी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां पास में ही पवित्र हेमकुंड साहिब जी भी हैं। हेमकुंड साहिब जी के दर्शन आसान हों, इसके लिए वहां भी रोप-वे बनाने की तैयारी है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चारधाम यात्रा आने वाले भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बढ़ रही है।
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