चुनाव आयोग की चेतावनी, राजकीय यात्रा के दौरान चुनावी सभा न करें पीएम
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निर्वाचन आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देहरादून में शनिवार को होने वाली एक दिवसीय संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस भाग लेने की सशर्त मंजूरी दी है। शर्त के मुताबिक इस दौरे के दौरान मोदी न तो राजनीतिक सभा करेंगे न ही कांफ्रेंस से संबंधित कोई मीडिया ब्रीफिंग करेंगे।
यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने दी है। आयोग ने इस कांफ्रेंस को इजाजत देते हुए कहा कि पीएम की राजकीय यात्रा के साथ कोई पब्लिक मीटिंग नहीं होगी। कोई मीडिया ब्रीफिंग या संवाददाताओं के साथ बातचीत नहीं होगी।
मौजूदा सैनिकों या पूर्व सैनिकों के संबंध में कोई घोषणा नहीं की जाएगी और न ही कोई प्रेस रिलीज जारी होगी। रक्षा सचिव को इन शर्तों को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ प्रधान सचिव आरके श्रीवास्तव ने रक्षा मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर इन निर्देशों से अवगत करा दिया है।
सीएम रावत ने कांफ्रेंस पर जताई थी आपत्ति
बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मोदी के दौरे को लेकर एतराज जताया था। सीएम हरीश रावत ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव के दौरान उत्तराखंड में कमांडर कांफ्रेंस करने पर आपत्ति जताई थी।
सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग से बाकायदा शिकायत की थी कि भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी को उत्तराखंड में चुनावी चेहरा बनाया है। कमांडर कांफ्रेंस में पीएम के आने को खूब प्रचारित किया जा रहा है।
कहा कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में एक्स आर्मी सर्विसमैन हैं, जो इससे प्रभावित होंगे। ऐसे में इस कांफ्रेंस का होना चुनाव आयोग के निर्देशों के विपरीत है।
आचार संहिता का बताया था उल्लंघन
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी राजनीतिक फायदा लेने के लिए इस कांफ्रेंस में भाग ले रहे हैं। कहा कि यह कांफ्रेंस 2016 में चीन की सीमा पर सिक्किम में आयोजित की जानी थी, लेकिन साल भर में यह कांफ्रेंस वहां न करके अब चुनाव के बीच देहरादून में आयोजित की जा रही है।
चुनावी तैयारियों का जायजा लेने उत्तराखंड पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. नसीम जैदी को भी पार्टी ने ज्ञापन सौंपा था जिसमें आईएमए में प्रस्तावित संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस में पीएम मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर परिकर की भागीदारी को आदर्श चुनाव संहिता का उल्लंघन करार दिया गया था और इस संबंध में आयोग से दखल की मांग की गई थी।
कांग्रेस की शिकायत पर गौर करते हुए आयोग ने पीएम मोदी को कांफ्रेंस में शिरकत करने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन साथ यह शर्त भी लगा दी है कि कांफ्रेंस के दौरान न तो वह कोई सियासी सभा करेंगे न ही सैनिकों व पूर्व सैनिकों के मामले में ऐसा कोई प्रेस नोट या प्रेस ब्रीफिंग कर सकेंगे जिससे उत्तराखंड में पांच राज्यों में हो रहे चुनाव पर कोई असर पड़े।