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जोखिम लेने को तैयार नहीं प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार, जानिए ऐसा क्या हुआ
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 09 Jun 2017 02:05 PM IST
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trivendra singh rawat
प्रचंड बहुमत लेकर सत्ता में आई उत्तराखंड की भाजपा सरकार जोखिम लेने से बच रही है। क्या है पूरा मामला जानने के पढ़ें पूरी खबर...
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उत्तराखंड विधानसभा में सदन पटल पर बृहस्पतिवार को पेश बजट में प्रचंड बहुमत की सरकार का आत्मविश्वास नजर नहीं आया। ताकतवर सरकार ने नई और महत्वाकांक्षी योजनाओं के बजाय बजट के पारंपरिक तरीकों पर ही भरोसा किया।
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नया टैक्स लगाने का जोखिम लेने से वह बची और उसने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को यह कहने का मौका दिया कि बजट उनकी सरकार कॉपी पेस्ट है।
नई मदों में 140 योजनाओं को शामिल किया
uttarakhand assembly house
आर्थिक जानकारों की मानें तो सरकारें जब घाटे का बजट पेश करती हैं, तो उसके पीछे विकास की बड़ी योजनाएं होती हैं।
लेकिन भाजपा ने अपने विजन डाक्यूमेंट को सरकार का नीति पत्र यही सोच कर बनाया कि वह चुनाव में बुरी तरह से मात खाई कांग्रेस सरकार से अनूठा और राज्य को नई दिशा देने वाला बजट होगा।
हालांकि नई मदों में सरकार ने 140 योजनाओं को शामिल करके कुछ नई और अनूठी पहल करने की कोशिश की है। मगर सच्चाई यही है कि उसने पिछली सरकार से चली आ रही कई योजनाओं में ही कतिपय बदलाव करके उन्हें बजट में परोसा है।
लेकिन भाजपा ने अपने विजन डाक्यूमेंट को सरकार का नीति पत्र यही सोच कर बनाया कि वह चुनाव में बुरी तरह से मात खाई कांग्रेस सरकार से अनूठा और राज्य को नई दिशा देने वाला बजट होगा।
हालांकि नई मदों में सरकार ने 140 योजनाओं को शामिल करके कुछ नई और अनूठी पहल करने की कोशिश की है। मगर सच्चाई यही है कि उसने पिछली सरकार से चली आ रही कई योजनाओं में ही कतिपय बदलाव करके उन्हें बजट में परोसा है।
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पीएम मोदी, संघ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की छाया दिखी
पीएम नरेंद्र मोदी
भाजपा सरकार के बजट पर पीएम मोदी, संघ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की छाया स्पष्ट दिखाई दी। बजट भाषण में आधा दर्जन से ज्यादा ऐसी योजनाएं का जिक्र हुआ जो पिछली सरकार के समय भी संचालित हो रही थी।
फर्क सिर्फ इनके नाम का रहा जो पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम से आरंभ कर दी गई। इस प्रश्न पर असहज दिखे वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने इतना ही कहा कि उनकी सरकार ने योजनाओं को नए कलेवर में पेश किया है।
हालांकि प्रचंड बहुमत की सरकार से कुछ अनूठा और बड़ा होने की उम्मीद लगाई जा रही थी। मगर उसने बजट को लोकलुभावन बनाने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन दिखाने के लिये बजट को करमुक्त और शून्य घाटे का दर्शाया।
फर्क सिर्फ इनके नाम का रहा जो पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम से आरंभ कर दी गई। इस प्रश्न पर असहज दिखे वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने इतना ही कहा कि उनकी सरकार ने योजनाओं को नए कलेवर में पेश किया है।
हालांकि प्रचंड बहुमत की सरकार से कुछ अनूठा और बड़ा होने की उम्मीद लगाई जा रही थी। मगर उसने बजट को लोकलुभावन बनाने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन दिखाने के लिये बजट को करमुक्त और शून्य घाटे का दर्शाया।