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मिशन रिस्पना: देहरादून में आज एक दिन में दो लाख गड्ढे खोदने का बनेगा रिकॉर्ड

Sat, 19 May 2018 11:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 19 May 2018 11:06 AM IST
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plantation for rispana river
- फोटो : अमर उजाला

रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए शनिवार को पहले चरण के अभियान का आगाज हो गया। जिसमें नदी के उद्गम से लेकर संगम तक पौधारोपण के लिए एक ही दिन में दो लाख गड्ढे खोदने का नया रिकॉर्ड बनेगा।

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प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को 39 ब्लाकों में तैनात किए सेक्टर अधिकारियों व विभागीय नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने सेक्टरों का स्थलीय निरीक्षण किया। गड्ढे खोदने का कार्यक्रम सुबह सात बजे से शुरू होगा।  प्रदेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मिशन रिस्पना’ को साकार करने के लिए शनिवार से पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने व साफ सफाई का व्यापक स्तर पर कार्यक्रम शुरू होगा। नदी के उद्गम स्रोत शिखर फॉल से लेकर संगम स्थल मोथरोवाला तक 39 अलग-अलग सेक्टर बनाए गए हैं। इन सेक्टरों में तैनात नोडल अधिकारियों ने मोर्चा संभाला लिया है।
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इस अभियान के लिए वन विभाग व ईको टास्क फोर्स को नोडल विभाग बनाया गया है। गड्ढे खोदने के कार्य में करीब चार हजार से अधिक लोग श्रमदान कर सहयोग करेंगे। जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों, गैर सरकारी संगठन, एनजीओ, केंद्रीय संस्थानों, सेना, पैरा मिल्ट्री फोर्स के जवान व विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के सहयोग से गड्ढे बनाए जाएंगे। दुर्गम स्थानों पर सेना, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान गड्ढे खोदेंगे। प्रत्येक सेक्टर में वन विभाग के एक-एक कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जो स्कूली बच्चों व स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियरों को गड्ढे बनाने में मार्गदर्शन करेंगे।
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वहीं प्रत्येक सेक्टर में चिकित्सकों का दल, पीने के पानी, पार्किंग व अन्य वालंटियरों को स्थल तक आने-जाने आदि व्यवस्थाओं का प्रबंध किया गया है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने के कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई। एक दिन में करीब दो लाख गड्ढे तैयार किए जाएंगे। उन्होंने विभिन्न संगठनों, संस्थाओं के साथ आम लोगों से भी इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। 


गड्ढे खोदने में इन संस्थानों का मिला सहयोग
रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न स्कूल, कॉलेज, केंद्रीय संस्थानों, एनजीओ आगे आए हैं। जिसमें वेस्ट वेरियर संस्था, उत्तरांचल आयुर्वेदिक कालेज रायपुर, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, यूपीईएस, पेस्टलविड स्कूल, होम गार्ड, एसएसबी, आर्डिनेंस फैक्टरी, वन निगम, पुलिस, स्पोर्ट्स कालेज, बीएसएफ, एसडीआरएफ, सैंट जोर्ज स्कूल, आईटीबीपी, ओनएनजीसी, सिविल डिफेंस, स्कालरहोम, मैड संस्था सहित जिले के कई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि अभियान में शामिल होंगे। 

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