इस साल इस स्कूल में नहीं हुआ एक भी एडमिशन, लग गया ताला
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प्राइवेट शिक्षा के आगे सरकारी शिक्षा किस कदर बेहाल है। इसकी एक बानगी उत्तराखंड में देखने को मिली। यहां स्कूल में इस साल एक भी एडमिशन नहीं हुआ। नतीजन स्कूल पर ताला लग गया।
स्कूल चलो अभियान और सर्वशिक्षा अभियान का ऐसा परिणाम सामने आया कि राजकीय प्राथमिक स्कूल सिमाली में नए शिक्षासत्र में ताला लग गया है। स्कूल में छात्रसंख्या शून्य हो गई है। पिछले साल तक स्कूल में कक्षा एक से पांच तक नौ बच्चे पढ़ते थे। तब स्कूल में दो शिक्षक काम कर रहे थे।
अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना किया बंद
इसी बीच स्कूल से एक शिक्षक का स्थानांतरण हो गया और एक शिक्षक को पांच कक्षाओं को संभालने की जिम्मेदारी आ गई। दूसरी तरफ अभिभावकों ने खुद ही इस तरह की अव्यवस्था के बीच अपने बच्चों को भेजना बंद कर दिया। एक-एक कर सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भर्ती करना शुरू कर दिया।
स्कूल में अब भी एक शिक्षक तैनात है। अब विभाग उनको वहां से दूसरे स्कूल में समायोजित करने की तैयारी कर रहा है। प्रधानाध्यापक पूरन सिंह बोरा ने बताया कि स्कूल में छात्रसंख्या शून्य होने की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से भारी अव्यवस्थाएं चल रही थीं। इसी कारण छात्र संख्या भी कम होने लगी थी। जिला शिक्षा अधिकारी शौकत अली ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी से सारी स्थिति का पता करने को कहा गया है। अभिभावकों से बात की जाएगी। यदि वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में फिर से प्रवेश दिलाने के इच्छुक होंगे तो स्कूल में दो शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी।