फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Pin in child Respiratory tube aiims rishikesh

बच्चे की सांस नली में फंस गई पिन, डॉक्टरों के हाथ-पैर फूले, लेकिन इस तरह पाई सफलता

Mon, 20 Aug 2018 10:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Mon, 20 Aug 2018 10:03 AM IST
विज्ञापन
Pin in child Respiratory tube aiims rishikesh
बमुश्किल डॉक्टरों ने निकाली पिन

एम्स ऋषिकेश के पलमोनरी मेडिसिन विभाग ने चार वर्षीय बच्चे की सांस नली में फंसी तीन सेंटीमीटर लंबी पिन को ब्रोंकोस्कोपी के जरिये बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है।

विज्ञापन


उक्त जटिल चिकित्सकीय प्रक्रिया को विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुबोध कुमार की टीम ने अंजाम दिया। बीते शनिवार की देर रात एक चार वर्षीय बच्चे को लेकर परिजन एम्स पहुंचे। चिकित्सकों के जानकारी लेने पर परिजनों ने बताया कि बच्चे के दांतों में तकलीफ को लेकर वह शहर के किसी दंत चिकित्सा संस्थान में परीक्षण के लिए गए थे, जहां उपचार के दौरान उसके मुंह में तकरीबन तीन सेंटीमीटर की पिन सांस की नली से अंदर चली गई। जिससे बच्चे को परेशानी होने लगी।  
विज्ञापन


संस्थान में चिकित्सकों ने जब बच्चे का एक्स-रे करवाया तो पता चला कि पिन उसके फेफड़े के दाहिने भाग में जाकर अटकी है। एम्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुबोध कुमार ने ब्रोंकोस्कोपी के जरिए सांस की नली में अटकी तीन सेंटीमीटर लंबी पिन को बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

जीवन लिए घातक भी हो सकती थी सांस नली में फंसी पिन

Pin in child Respiratory tube aiims rishikesh
एम्स निदेशक ने चिकित्सकीय टीम की सराहना की

संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि उक्त प्रक्रिया को डॉ. अजय द्वारा रोगी को पूर्ण बेहोशी की अवस्था में रखकर पूरा किया, जिसमें करीब 20 से 25 मिनट का समय लगा।

सांस की नली में अटकी पिन को कुशलतापूर्वक बाहर निकालने में सफल रहे डॉ. सुबोध कुमार का कहना है कि यदि उक्त पिन समय पर नहीं निकाली जाती तो बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो सकती थी, जो कि उसके जीवन लिए घातक भी हो सकती थी। बच्चे को शनिवार रात को चिकित्सकीय निगरानी में एम्स में ही रखा गया, जिसे रविवार को दोपहर में डिस्चार्ज कर दिया गया है।  

एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने समय पर उचित उपचार प्रक्रिया मुहैय्या कराकर बच्चे की जान बचाने वाले संस्थान की चिकित्सकीय टीम की सराहना की। उन्होंने कहा संस्थान में विश्वस्तरीय इमरजेंसी सेवाएं जल्द उपलब्ध कराना एम्स की प्राथमिकता है। बताया कि इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed