दिवाली से पहले घर में मातम, बस से कुचलकर पीएचडी छात्रा की मौत, पिता की हालत गंभीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार-ऋषिकेश राजमार्ग पर रोड़ीबेलवाला चौकी से कुछ ही दूरी पर बस की चपेट में आकर कन्या गुरुकुल महाविद्यालय से पीएचडी कर रही छात्रा मेघा की मौत हो गई जबकि उसके पिता घायल हो गए। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया।
बृहस्पतिवार की सुबह गांव हरिपुर कलां, थाना रायवाला, देहरादून के रहने वाले हरीश ममगाईं अपनी बेटी मेघा (22) को स्कूटी से कन्या गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर छोड़ने जा रहे थे। हाईवे पर वीआईपी घाट को पार करने के बाद हरीश ममगाई ने आगे चल रही एक टूरिस्ट बस को ओवरटेक करना चाहा।
अचानक सामने से एक वाहन आने से स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। पिता दांयी तरफ और बेटी मेघा बायीं तरफ टूरिस्ट बस के आगे जा गिरी। बस छात्रा को रौंदती हुई चली गई। दुर्घटनास्थल पर ही मेघा की मौत हो गई।
एसएसआई जगमोहन रमोला ने बताया कि विकासनगर देहरादून के एक बस में पब्लिक स्कूल के छात्र सवार थे। यह लोग क्रिस्टल वर्ल्ड जा रहे थे। उन्होंने बताया कि छात्रा के पिता हरीश ममगाईं ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है।
बड़ी बेटी भी फलांग भर की दूरी पर
शिकायत मिलने पर बस चालक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। दुर्घटना की सूचना मिलने पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. दिनेश भट्ट ने भी पहुंचकर पिता को ढांढस बंधाया।
जिस वक्त दुर्घटना घटी तब मेघा की बड़ी बहन विभा ममगाईं भी आगे स्कूटी पर चल रही थी। वह पुराने औद्योगिक एरिया में एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत है। प्राइवेट नौकरी पेशा रहे हरीश ममगई की दो बेटियां थी और वह आजकल घर पर ही रहते हैं।
वह रोजाना मेघा को छोड़ने के लिए जाते थे। जिला अस्पताल कैंपस में मौजूद पिता ने लाडली का पोस्टमार्टम कराने तक को राजी नहीं थे। वह बस यही बोल रहे थे कि उनकी बेटी का शव उन्हें दे दिया जाए। यही नहीं वे कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं चाहते हैं।