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...तो बंदरों को अपराध की 'सजा' देगा हाईकोर्ट

Sun, 24 Nov 2013 11:29 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 24 Nov 2013 11:29 AM IST
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petition in high court against monkeys

बंदरों के आतंक से परेशान देहरादून के क्लेमनटाउन क्षेत्र के लोग हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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शिकायत के बावजूद नगर निगम और वन विभाग के कार्रवाई न करने पर रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी ने अगले सप्ताह हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय किया है।
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लगातार बढ़ रही बंदरों की तादाद
क्लेमनटटाउन रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष महेश पांडे ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों की तादाद लगातार बढ़ रही है। बंदरों के काटने से कई लोग जख्मी हो चुके हैं।
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बताया कि बंदरों को जंगल में छोड़ने के लिए कई बार कैंट, नगर निगम और वन विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।

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बताया कि जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इसमें उत्तराखंड सरकार, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण और प्रमुख सचिव शहरी विकास विभाग को पक्षकार बनाया जाएगा।

पांडे ने कहा कि जब तक जंगलों में फलदार पेड़ नहीं लगाए जाएंगे और बंदरों के प्रजनन पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक आम आदमी को राहत नहीं मिल जाएगी।

यहां भी आतंक
जाखन, रायपुर, इंदिरापुरम, वसंत विहार, मोथरोवाला, लक्खीबाग, निरंजनपुर, टर्नर रोड, मोहब्बेवाला, सुभाष नगर, आशारोड़ी, नई बस्ती आदि क्षेत्रों में भी बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं।

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