{"_id":"b17cc46478e471d8db02d85ffdd8a174","slug":"petition-in-high-court-against-monkeys","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो बंदरों को अपराध की 'सजा' देगा हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो बंदरों को अपराध की 'सजा' देगा हाईकोर्ट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 24 Nov 2013 11:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंदरों के आतंक से परेशान देहरादून के क्लेमनटाउन क्षेत्र के लोग हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
पढ़ें, फूलों की यह घाटी गूगल पर है, लेकिन नक्शे में नहीं
शिकायत के बावजूद नगर निगम और वन विभाग के कार्रवाई न करने पर रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी ने अगले सप्ताह हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय किया है।
विज्ञापन
लगातार बढ़ रही बंदरों की तादाद
क्लेमनटटाउन रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष महेश पांडे ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों की तादाद लगातार बढ़ रही है। बंदरों के काटने से कई लोग जख्मी हो चुके हैं।
विज्ञापन
बताया कि बंदरों को जंगल में छोड़ने के लिए कई बार कैंट, नगर निगम और वन विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
पढ़ें, बाबा रामदेव को देना होगा डेढ़ करोड़ का जुर्माना
बताया कि जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इसमें उत्तराखंड सरकार, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण और प्रमुख सचिव शहरी विकास विभाग को पक्षकार बनाया जाएगा।
पांडे ने कहा कि जब तक जंगलों में फलदार पेड़ नहीं लगाए जाएंगे और बंदरों के प्रजनन पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक आम आदमी को राहत नहीं मिल जाएगी।
यहां भी आतंक
जाखन, रायपुर, इंदिरापुरम, वसंत विहार, मोथरोवाला, लक्खीबाग, निरंजनपुर, टर्नर रोड, मोहब्बेवाला, सुभाष नगर, आशारोड़ी, नई बस्ती आदि क्षेत्रों में भी बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करे---