NH74-143 घोटाले में पेशकार अरेस्ट, घर से मिला वो जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती
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उत्तराखंड के एनएच 74 और 143 घोटाले में एक आरोपी पेशकार की गिरफ्तारी हुई है। पेशकार पर फर्जी जातिप्रमाण पत्र और स्थाई प्रमाण पत्र बनाने का आरोप है।
रविवार को रुद्रपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी। सूचना पर पुलिस ने पेशकार के घर पर छापे मारी की। जहां उन्हें 214 फाइलें मिली जो कि एनएच 74 और 143 घोटाले की हैं।
इसके साथ ही आरोपी पेशकार के घर से काफी मात्रा में सोने और चांदी के गहने मिले। इसके साथ ही कई बैंकों की पास और कई क्रेडिट कार्ड भी मिले।
एनएच74 भूमि अधिग्रहण में कृषि भूमि को कॉमर्शियल दिखाकर किए गए घोटाले की दस दिन तक जांच करने के बाद कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन ने बड़ा खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि इस घोटाले से 170 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। घोटाले में एनएच, एसएलओ और राजस्व कार्यालय के साथ ही कई किसान और भूमाफिया भी शामिल हैं।
घोटाले में शामिल लोगों की प्लानिंग कमजोर होने से घोटाला उजागर
रुद्रपुर एनएच-74 भूमि अधिग्रहण घोटाले को तैयार प्लान के हिसाब से किया गया था, लेकिन घोटाले में शामिल लोगों की प्लानिंग कमजोर होने से घोटाला उजागर हो गया। कुमाऊं आयुक्त के अनुसार पूरे घोटाले में एक बड़ा सिंडिकेट शामिल है,
जिसने घोटाले की पूरी प्लानिंग की थी, लेकिन उन्हें 143 की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने से उनकी प्लानिंग कमजोर पड़ गई और मामला खुलता चला गया, क्योंकि करीब सभी मामलों में आरोपियों ने लैंड यूज चेंज करने के लिए धारा 143 की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है।
कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन द्वारा की गई भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि गलत तरीके से लैंड ट्रांसफर करने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय में बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई है। इसमें कुछ लेखपाल, तहसीलदार भी शामिल हैं। रिकॉर्ड में की गई हेराफेरी को एक आपराधिक कृत्य मानते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।