{"_id":"fa717c0e8600d9746af520d8bcff296e","slug":"people-suffer-from-monkeys","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर के भीतर बंदर कर रहे छेड़छाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर के भीतर बंदर कर रहे छेड़छाड़
अमर उजाला, चंबा (टिहरी)
Updated Tue, 07 Jan 2014 07:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धपीठ सुरकंडा मंदिर में उत्पाती बंदरों के आतंक से स्थानीय लोगों साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालु भी परेशान हैं। बंदरों के पकड़े न जाने पर आक्रोशित लोगों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया। उन्होंने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई।
विज्ञापन
एक माह से सुरकंडा मंदिर, कद्दूखाल और धनोल्टी में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। श्रद्धालु कद्दूखाल से सुरकंडा मंदिर प्रसाद तक ले जाते हैं लेकिन रास्ते में ही बंदर सामान छीन लेते हैं।
विज्ञापन
मूर्ति से कर रहे छेड़छाड़
इतना ही नहीं बंदर देवी देवताओं के भोग को खाने के चक्कर में मंदिर में घुसकर मूर्ति से छेड़छाड़ कर रहे हैं। इस समस्या से आक्रोशित स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन के लोगों ने मंदिर प्रांगण में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि कुछ समय पूर्व मैदानी इलाकों से दो गाड़ी बंदरों की ज्वारना के पास खाली की गई है। इन बंदरों ने ही ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का जीना हराम कर रखा है।
बंदर इतने निडर हैं कि लाठी-डंडे दिखाने के बाद भी हमला करने आ जाते हैं। प्रदर्शनकारियों में पृथ सिंह धरवाल, साहब सिंह धरवाल, विक्रम सिंह गुर्साइं, देवेंद्र नेगी, जीएस नेगी, खेमराज सकलानी और शीषराम सकलानी आदि शामिल थे।