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नारों में दम दिखाने का जोर
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 09 Nov 2013 12:33 AM IST
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राज्य स्थापना दिवस से एक दिन पहले ही शहीद स्मारक पर राजनीतिक दलों और आंदोलनकारी संगठन में अपना दम दिखाने की होड़ लगी रही। राज्य बने 13 साल बीतने के बावजूद न तो संगठनों के बीच के फासले घट सके हैं और न ही दिलों की दूरियां।
शुक्रवार को भी जहां दो संगठनों के बीच नारेबाजी की जोरआजमाइश होती दिखाई दी, वहीं तीसरा दल दर्शक बना देखता रहा।उत्तराखंड निर्माण के लिए सैकड़ों आंदोलनकारियों ने शहादत दी। महिलाओं ने घर-परिवार छोड़कर जुल्म सहे। लंबी लड़ाई के बाद राज्य तो मिल गया, लेकिन अपने-अपने स्वार्थ के लिए आंदोलनकारियों के अलग-अलग संगठन बन चुके हैं।
जमकर हुई नारेबाजी
हालत यह है कि शहीदों को याद करने के लिए भी ये एक साथ नहीं आते। शुक्रवार को राज्य स्थापना दिवस से एक दिन पहले शहीद स्मारक पर उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच, उत्तराखंड क्रांति दल (ऐरी गुट) और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी बैठे थे। इस दौरान यूकेडी और चिह्नित आंदोलनकारी अगल-बगल बैठे थे।
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इनके बीच नारेबाजी की जोरआजमाइश दिखाई दे रही थी। वहीं सामने बैठे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रदर्शनकारी शांत बैठे थे और दर्शक की भूमिका निभा रहे थे।
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शुक्रवार को भी जहां दो संगठनों के बीच नारेबाजी की जोरआजमाइश होती दिखाई दी, वहीं तीसरा दल दर्शक बना देखता रहा।उत्तराखंड निर्माण के लिए सैकड़ों आंदोलनकारियों ने शहादत दी। महिलाओं ने घर-परिवार छोड़कर जुल्म सहे। लंबी लड़ाई के बाद राज्य तो मिल गया, लेकिन अपने-अपने स्वार्थ के लिए आंदोलनकारियों के अलग-अलग संगठन बन चुके हैं।
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जमकर हुई नारेबाजी
हालत यह है कि शहीदों को याद करने के लिए भी ये एक साथ नहीं आते। शुक्रवार को राज्य स्थापना दिवस से एक दिन पहले शहीद स्मारक पर उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच, उत्तराखंड क्रांति दल (ऐरी गुट) और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी बैठे थे। इस दौरान यूकेडी और चिह्नित आंदोलनकारी अगल-बगल बैठे थे।
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इनके बीच नारेबाजी की जोरआजमाइश दिखाई दे रही थी। वहीं सामने बैठे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रदर्शनकारी शांत बैठे थे और दर्शक की भूमिका निभा रहे थे।