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यहां लोगों ने फूलों की खेती को बनाया रोजगार

Fri, 19 May 2017 04:51 PM IST
विजयपाल सिंह रावत / अमर उजाला, नौगांव (उत्तरकाशी)
विजयपाल सिंह रावत / अमर उजाला, नौगांव (उत्तरकाशी) Updated Fri, 19 May 2017 04:51 PM IST
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people make flower farming business
फूलों की प्रदर्शनी - फोटो : demo pic

विकास खंड नौगांव का नैणी गांव कृषि बागवानी एवं पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में दूसरे गांवों के लिए मिसाल है। दूसरे गांवों के बेरोजगार युवा जहां शहरों की ओर दौड़ रहे हैं तो वहीं इस गांव के ठीक-ठाक पढ़े-लिखे युवा कड़ी मेहनत कर अपने खेतों से ही स्वरोजगार कर रहे हैँ।

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नैणी गांव में प्रत्येक परिवार वर्तमान में फूलों की खेती से सीजन में (अक्तूबर) सालाना 30 हजार से एक लाख रुपये से भी अधिक कमा लेता है। फूल ही नहीं, टमाटर, मटर, शिमला मिर्च, फ्रेंचबीन आदि नगदी फसलों से भी वे सालाना ठीकठाक कमाई कर लेते हैं। गांव के चारों ओर पर्याप्त जल स्रोत हैं जिससे लोगों को खेती करने में आसानी होती है। इसको देखकर अब बाहरी क्षेत्रों के काश्तकार भी नैणी गांव में नगदी फसल तथा फूलों की खेती करने के गुर सीखने पहुंच रहे हैं।
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35 परिवार वाले इस गांव में 300 की आबादी है। गांव में महज आठ लोग ही सरकारी नौकरी पर हैं। अधिकतर अच्छी खासी पढ़ाई करने के बाद भी अपनी खेती से जुड़े हुए हैं। गांव के युवा महावीर चंद, कौर सिंह, रविंद्र सिंह, राजेश, भगवान सिंह, जगेंद्र सिंह, धनवीर, रणजीत का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में फूलों की खेती सबसे ज्यादा फायदेमंद है। फूलों की खेती में बीमारी लगने का खतरा भी नहीं रहता है।
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अन्य नगदी फसलों की अपेक्षा इसमें मेहनत भी कम लगती है। वह अपने खेतों में तीन सालों से गुलदावदी की खेती कर अच्छा पैसा कमा रहे हैं। काश्तकार महावीर सिंह ने गांव के पास ही अपनी सिंचित भूमि पर हिमाचल से मंगाए गए अच्छे उत्पादन वाले सिंधूरी प्रजाति के अनार का बगीचा तैयार कर रखा है। उन्होंने बगीचे में करीब ढाई सौ पौधे लगाए हैं।

इन पौधों ने अब फल देना शुरू कर दिया है।  गांव के महावीर सिंह क्षेत्र के ऐसे पहले काश्तकार हैं, जिन्होंने अपने गांव में विदेशी फल कीवी की खेती की  है। हालांकि उन्हें बाजार न मिलने की वजह से कीवी की खेती को बाद में नष्ट करना पड़ा।

                                    
ग्राम प्रधान शिशमा एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य रीना चंद का कहना है कि प्राइवेट नौकरी करने से तो अच्छा अपनी खेती करना है। गांव का प्रत्येक परिवार इस समय गुलदावदी की खेती कर रहा है सरकार को भी इस ओर ध्यान देकर लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

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