उत्तराखंडः यहां है अवैध हथियारों का जखीरा
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खनन, जमीनी विवाद, मारपीट मामलों में आए दिन दो पक्षों के बीच फायरिंग होना उत्तराखंड के बाजपुर में आम बात हो गई है। सरेबाजार गाड़ियों में हथियारों के साथ चलना बाजपुर के लोग अपनी शान समझते हैं।
फायरिंग मामले को लेकर पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं है। असलहों की बात करें तो क्षेत्र में करीब 1587 शस्त्र लाइसेंस पुलिस रिकार्ड में हैं। बताते हैं कि घटनाओं में लोग अवैध तमंचों से फायरिंग करते हैं।
कोसी नदी खनन क्षेत्र में सबसे अधिक फायरिंग की घटनाएं होती हैं। वर्ष 2012 में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर भी खनन माफियाओं द्वारा फायरिंग की गई थी। जिसमें 50 से अधिक लोग चिन्हित किए गए थे। उसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
फायरिंग की घटनाएं समाने आई
बीते वर्ष नवंबर में जमीनी विवाद को लेकर गांव मडैया हट्टू में दो पक्षों के बीच जमकर फायरिंग हुई।
कोतवाली में मामला भी दर्ज किया गया। इससे पहले गांव कनौरा में दोनों पक्ष के बीच फायरिंग की घटना हुई। इसके अलावा कई फायरिंग की घटनाएं समाने आई हैं। लेकिन धीरे-धीरे मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
पुष्टि होने पर लाइसेंस होंगे निरस्त
एएसपी देवेंद्र कुमार पिंचा ने बताया कि बेरिया दौलत रोड पर हुई घटना में फायरिंग होने की पुष्टि होने पर आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ लाइसेंस शस्त्र के निरस्तीकरण की संस्तुति कर कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच केलाखेड़ा थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार को सौंपी गई है।