{"_id":"684339bf0ff031bc550f93b7","slug":"people-from-slums-protested-in-the-municipal-corporation-dehradun-news-c-5-1-drn1031-709948-2025-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: मलिन बस्तियों से जुड़े लोगों ने नगर निगम में किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: मलिन बस्तियों से जुड़े लोगों ने नगर निगम में किया प्रदर्शन
विज्ञापन
I
IIनगर आयुक्त को ज्ञापन देकर नोटिस निरस्त करने की मांग
I
I
I
Iविभिन्न वामपंथी संगठनों के नेतृत्व में मलिन बस्तियों से जुड़े लोगाें ने शुक्रवार को नगर निगम में प्रदर्शन किया। नगर आयुक्त नमामी बंसल को ज्ञापन सौंपकर रिस्पना-बिन्दाल में केवल गरीब परिवारों को ही नोटिस जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने नगर आयुक्त से इन नोटिसों को निरस्त करने की मांग की।
I
I
I
Iवक्ताओं ने कहा कि भूमि अनुभाग एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेशों का जिक्र कर केवल गरीब परिवारों को नोटिस भेजकर उन्हें परेशान कर रहा है। सरकार चाहती है कि इन लोगों को कानून सम्मत मुआवजे, आवास व अन्य सुविधाओं से वंचित किया जाए। कहा कि यह सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है। आरोप लगाया कि नदियों के आसपास बसे प्रभावी कब्जाधारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उधर, सीपीआईएम सांसद आमरा राम ने इस मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर एलिवेटेड आदि के नाम पर गरीबों को हटाने की बजाय उनको मालिकाना हक देकर उन्हें जन सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। प्रदर्शन का नेतृत्व करने में बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत, सीआईटीयू जिला महामंत्री लेखराज, जनवादी महिला की जिलाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, समाजसेवी मोहम्मद अल्ताफ, रामसिंह भंडारी, विप्लव अनंत आदि मौजूद रहे।I
विज्ञापन
IIनगर आयुक्त को ज्ञापन देकर नोटिस निरस्त करने की मांग
I
I
I
Iविभिन्न वामपंथी संगठनों के नेतृत्व में मलिन बस्तियों से जुड़े लोगाें ने शुक्रवार को नगर निगम में प्रदर्शन किया। नगर आयुक्त नमामी बंसल को ज्ञापन सौंपकर रिस्पना-बिन्दाल में केवल गरीब परिवारों को ही नोटिस जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने नगर आयुक्त से इन नोटिसों को निरस्त करने की मांग की।
I
I
I
Iवक्ताओं ने कहा कि भूमि अनुभाग एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेशों का जिक्र कर केवल गरीब परिवारों को नोटिस भेजकर उन्हें परेशान कर रहा है। सरकार चाहती है कि इन लोगों को कानून सम्मत मुआवजे, आवास व अन्य सुविधाओं से वंचित किया जाए। कहा कि यह सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है। आरोप लगाया कि नदियों के आसपास बसे प्रभावी कब्जाधारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उधर, सीपीआईएम सांसद आमरा राम ने इस मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर एलिवेटेड आदि के नाम पर गरीबों को हटाने की बजाय उनको मालिकाना हक देकर उन्हें जन सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। प्रदर्शन का नेतृत्व करने में बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत, सीआईटीयू जिला महामंत्री लेखराज, जनवादी महिला की जिलाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, समाजसेवी मोहम्मद अल्ताफ, रामसिंह भंडारी, विप्लव अनंत आदि मौजूद रहे।I
विज्ञापन