सोशल मीडिया पर BJP के इस मंत्री को लेकर उठ रहे सवाल, जानिए क्या है पूरा मामला
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चार धाम यात्रा में हर मोड़ पर यात्री परेशान है। अव्यवस्थाओं का बोलबाला है और सुविधाओं का अता-पता नहीं है। इन स्थितियों के बीच, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
विपक्ष ने पूछना शुरू कर दिया है- कहां हैं महाराज। अजीबोगरीब स्थिति तब बनी, जब सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से महाराज को लेकर सवाल किया गया। कहां हैं महाराज के जवाब में सीएम ने कहा-ये उनसे ही पूछ लीजिए। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सोमवार को पर्यटन मंत्री मीडिया के सामने आए और चार धाम यात्रा सुचारू ढंग से चलने का दावा किया।
चार धाम यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक करने में पर्यटन मंत्री ने शुरू में खूब दिलचस्पी दिखाई, मगर पिछले दिनों पांडुकेश्वर के नजदीक भूस्खलन से यात्रा प्रभावित हुई, तो मंत्री को लोग तलाशते ही रह गए। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के इशारे पर सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने मोर्चा संभाला।
सरकारी मशीनरी को लाइनअप करने में कौशिक फ्रंट पर रहे और महाराज कहीं नहीं दिखाई दिए। सोशल मीडिया में महाराज को लेकर बहस छिड़ गई। पहाड़ी व्यंजनों के प्रमोशन के एक कार्यक्रम में शरीक महाराज की फोटो वायरल हुई, तो उन पर हमले और तेज हो गए।
मंत्री जी समारोह में हो रहे शामिल
सवाल ये उठा कि एक तरफ, यात्री परेशान हैं और दूसरी तरफ, महाराज पहाड़ी खाने का लुत्फ ले रहे हैं। हालांकि मीडिया से बातचीत में महाराज ने सोमवार को इस पर भी सफाई दी।
उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री होने के नाते जहां यात्रा की व्यवस्था वह देख रहे हैं, वहीं पहाड़ी व्यंजनों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। महाराज ये भी कहने से नहीं चूके कि लोगों को कहने दीजिए। महाराज ने कहा कि चार धाम यात्रा सुरक्षित ढंग से आगे बढ़ रही है और पांडुकेश्वर से आगे यात्रा को काफी पहले खोल दिया है।
यह आम चर्चा है कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बीच पटरी नहीं बैठ रही है। जाने-अनजाने इसका प्रभाव चार धाम यात्रा के इंतजामों पर भी दिखाई दे रहा है। सोमवार को बीजेपी मुख्यालय पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से महाराज के बारे में सवाल किया गया, तो अपने मंत्री के बचाव की जगह उन्होंने जवाब दिया कि ये महाराज से ही ही पूछ लिया जाए।