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पेंशन चाहिए तो जिंदा होने का सबूत दो
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Tue, 19 Nov 2013 06:18 PM IST
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ऋषिकेश में वृद्घावस्था की पेंशन पाने के लिए कई बुजुर्ग परेशान हैं। विभाग उनसे पेंशन पाने के लिए जिंदा होने का सबूत मांग रहा है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए फार्म भरकर दे चुके हैं, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं आई।
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दुर्भाग्य यह कि जब भी जिला समाज कल्याण के तहसील में आयोजित साप्ताहिक पेंशन शिविर में जानकारी लेने आते हैं तो उस दिन साहब नहीं आते।
घंटों इंतजार फिर से मायूस
घटों इंतजार के बाद मायूस होकर घर लौटना पड़ता है। बूढ़ा शरीर है बार-बार चक्कर भी नहीं काट सकते। यह व्यथा सुनाई मनीराम मार्ग निवासी 72 वर्षीय श्रवणलाल ने।
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दरअसल, तहसील में प्रत्येक मंगलवार को जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धा, विकलांग, विधवा पेंशन संबंधी समस्या के निस्तारण के लिए शिविर की व्यवस्था की है। मंगलवार को पेंशन संबंधी समस्या लेकर लोग तो पहुंचे, लेकिन सहायक समाज कल्याण अधिकारी नहीं आए।
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मौके से अधिकारी नदारद
ऐसे में अकेले श्रवणलाल नहीं वयोवृद्ध सुभाष चंद गुप्ता निवासी सर्वहारानगर, दर्शनलाल निवासी शांतिनगर ने सरकारी सिस्टम को कोसा। बताया कि फार्म जमा करने के बाद संबंधित अधिकारी ने बैंक का खाता नंबर मांगा।
कई बार तहसील आ चुके हैं, लेकिन अधिकारी नदारद। हड़ताल और मीटिंग का हवाला दिया जाता है। अव्यवस्था से समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।