देहरादून: प्रमाणपत्र बनाने में देरी करने पर 11 लेखपालों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना
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आय और निवास प्रमाणपत्र बनाने में 15 दिन से ज्यादा समय लगाने पर 11 लेखपालों पर जिलाधिकारी ने पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इनमें तीन ऋषिकेश, चार-चार देहरादून और विकासनगर तहसील के लेखपाल शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को प्रमाणपत्र के मामले में पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। दरअसल, जाति, स्थायी, हैसियत, चरित्र, आय आदि प्रमाणपत्रों के लिए जनाधार में आवेदन किया जाता है।
इसके बाद ये आवेदन संबंधित हल्के के लेखपाल की रिपोर्ट आने पर बनाए जाते हैं। उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत इन प्रमाणपत्रों में समयसीमा से अधिक समय बीतने पर जुर्माने का प्रावधान है। जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बताया कि इस मामले में तीन ऋषिकेश और चार-चार देहरादून और विकासनगर तहसील के लेखपालों पर कार्रवाई की है।
250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लगता है जुर्माना
यदि कोई भी लेखपाल निर्धारित समयसीमा से अधिक समय लगाता है तो उसके खिलाफ 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। जिलाधिकारी के अधिकार क्षेत्र में अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी के तहत इन लेखपालों पर जुर्माना लगाया गया है।
किस प्रमाणपत्र में कितना समय
जाति प्रमाणपत्र- 15 दिन
स्थायी निवास - 15 दिन
हैसियत प्रमाणपत्र- 10 दिन
चरित्र प्रमाणपत्र- 10 दिन
आय प्रमाणपत्र- 15 दिन
पारिवारिक सदस्य प्रमाणपत्र- 15 दिन
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र- 15 दिन
चरित्र सत्यापन (राजस्व पुलिस क्षेत्र) - 45 दिन