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Dehradun News: पीसी-एसएल कोर्स के 49 कैडेट पास आउट
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Iभारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित हुई पीपिंग सेरेमनीI
भारतीय सैन्य अकादमी में शनिवार को स्थायी कमीशन विशेष सूची (पीसी-एसएल) कोर्स की पीपिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस दौरान 49 कैडेट पास आउट हुए।
कार्यकारी कमांडेंट मेजर जनरल आलोक जोशी ने उनसे निस्वार्थ भाव से मातृभूमि की रक्षा का आह्वान किया। कहा कि इन कैडेट ने खुद को ही नहीं बल्कि अपनी पलटन और प्रशिक्षकों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने दो सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षुओं मनोज सिंघा और संजीव कुमार को क्रमशः कमांडेंट गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल से सम्मानित किया।
बता दें, भारतीय सेना सैनिकों को अधिकारी बनने के अवसर प्रदान करती है। पीसी-एसएल कोर्स भी इन्हीं में एक है। आइएमए से पास आउट ये सभी अधिकारी जेसीओ,एनसीओ व अन्य रैंक पर कुछ वक्त सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं।भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण अवधि के दौरान भी वह बेहद अनुशासित व समर्पित दिखे।एक अधिकारी के लिए जरूरी आत्मविश्वास और कौशल को ध्यान ध्यान में रखते हुए कड़ा प्रशिक्षण उन्हें दिया गया। अपनी काबिलियत के बूते अब वह बतौर अधिकारी राष्ट्र की सेवा करेंगे। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक में भारतीय सेना में बढ़ी हुई जिम्मेदारियां संभालने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं।
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भारतीय सैन्य अकादमी में शनिवार को स्थायी कमीशन विशेष सूची (पीसी-एसएल) कोर्स की पीपिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस दौरान 49 कैडेट पास आउट हुए।
कार्यकारी कमांडेंट मेजर जनरल आलोक जोशी ने उनसे निस्वार्थ भाव से मातृभूमि की रक्षा का आह्वान किया। कहा कि इन कैडेट ने खुद को ही नहीं बल्कि अपनी पलटन और प्रशिक्षकों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने दो सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षुओं मनोज सिंघा और संजीव कुमार को क्रमशः कमांडेंट गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल से सम्मानित किया।
बता दें, भारतीय सेना सैनिकों को अधिकारी बनने के अवसर प्रदान करती है। पीसी-एसएल कोर्स भी इन्हीं में एक है। आइएमए से पास आउट ये सभी अधिकारी जेसीओ,एनसीओ व अन्य रैंक पर कुछ वक्त सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं।भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण अवधि के दौरान भी वह बेहद अनुशासित व समर्पित दिखे।एक अधिकारी के लिए जरूरी आत्मविश्वास और कौशल को ध्यान ध्यान में रखते हुए कड़ा प्रशिक्षण उन्हें दिया गया। अपनी काबिलियत के बूते अब वह बतौर अधिकारी राष्ट्र की सेवा करेंगे। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक में भारतीय सेना में बढ़ी हुई जिम्मेदारियां संभालने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं।
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