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कांवड़ में बैठाकर दादा और मां को तीर्थ पर लाया ये ‘श्रवण कुमार’

Fri, 10 Mar 2017 02:39 PM IST
राजेश शर्मा / अमर उजाला, हरिद्वार
राजेश शर्मा / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 10 Mar 2017 02:39 PM IST
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pawan kumar as like as shravan kumar
pawan kumar - फोटो : amar ujala

अंधे माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर श्रवण कुमार ने तीर्थयात्रा कराई थी। ठीक उसी तर्ज पर यूपी के सीतापुर जिले के पवन कुमार भी अपने बुजुर्ग दादा और विकलांग मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार में तीर्थयात्रा कराने आए हैं।

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बृहस्पतिवार को पवन कुमार ने हरकी पैडी़ पर उन्हें गंगा स्नान कराने के बाद करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित मां मंसा देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना कराई। शुक्रवार को वे चंडीदेवी मंदिर जाने के बाद अपने गांव लेकर जाएंगे।
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सीतापुर जिले के गांव चांदपुर निवासी रामनरेश के चार बेटों में सबसे बड़ा पवन कुमार बीस साल का है। संवेदनशील पवन ने कुछ दिन पहले अपने 85 साल के दादा बसंतलाल को कंधे पर बैठाकर तीर्थयात्रा कराने की सोची। उसने गांव में ही दो बड़ी टोकरियों वाली कांवड़ तैयार कराई।
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इसमें एक तरफ दादा और दूसरी तरफ बैलेंस बनाने के लिए उनके वजन के बराबर गेहूं का बोरा भरकर बुधवार को हरिद्वार पहुंचा। इस यात्रा के लिए पवन के पिता राजकुमार, माता जया देवी, तीनों छोटे भाई सूरज, दीपक और करण  तथा गांव के कुछ और लोग भी हरिद्वार आए। यहां आकर पवन कुमार का मन बदल गया। उसकी मां जया देवी विकलांग हैं जो चलकर मंसा देवी तथा चंडी देवी जैसे मंदिरों में दर्शनों के लिए नहीं जा सकती। उसने पिता से बात की और तय किया कि एकतरफ दादा को तथा दूसरी तरफ मां जया देवी को बैठाकर यात्रा करेगा।

दोनों को कंधे पर उठाकर मंसा देवी मंदिर ले गया

pawan kumar as like as shravan kumar
mansa devi temple - फोटो : file photo

बृहस्पतिवार की सुबह पवन साथ आए लोगों के साथ हरकी पैड़ी पहुंचा। सबने वहां मां गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद वह दोनों को कंधे पर उठाकर मंसा देवी मंदिर ले गया जहां सबने देश और दुनिया में शांति के लिए पूजा अर्चना की। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने पवन कुमार का स्वागत किया। जिधर से भी यह आधुनिक श्रवण कुमार गुजरा उसे देखने वालों की भीड़ जुट गई। 

एक तमन्ना यह भी 
पवन ने बेबाकी से बताया कि दादा और मां को तीर्थयात्रा कराकर खुद भी पुण्यलाभ कमाने के साथ-साथ उसकी तमन्ना सुर्खियां बटोरना भी है। बकौल पवन कुमार हर रोज वह अखबारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सपा नेता मुलायम सिंह जैसे नेताओं की तस्वीरें देखता है, तो उसे यह जिज्ञासा होती है कि उसकी भी फोटो मीडिया में आए और उसे भी लोग जानें। इसके लिए वह कोई नेक काम करना चाहता था। काफी सोचने के बाद उसके मन में यह बात आई और उसने दादा को तीर्थयात्रा कराने की सोची। पवन  ने बताया कि उसने अपी दादी महाराजा देवी की अस्थियां भी गंगा में विसर्जित की। पवन के पिता की मानें तो उसने 16 साल पहले मां के निधन के बाद से कुछ अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित करने के लिए एक मटके में अलग निकालकर खेत में पेड़ के नीचे रख हुई थी। 
ऐसा बेटा भगवान सबको दे
पवन के साथ ही गंगा मैया और देवी देवताओं के नारे लगाते चल रहे उसके पिता राजकुमार अपने बेटे की तारीफ करते नहीं थकते। कहते हैं कि वह खुद भी अपने माता-पिता को तीर्थयात्रा कराना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं करा पाया। उसकी मां महाराजा देवी का 16 साल पहले निधन हो गया थ। अब बेटे ने उसकी मुराद पूरी की जिससे वह बहुत खुश है और कहता है कि भगवान ऐसा बेटा सबको दे। 

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