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Uttarakhand: फर्जी सहकारी समिति बनाकर देशभर में 189 करोड़ ठगे, अकेले उत्तराखंड में 92 करोड़ की धोखाधड़ी

Mon, 28 Oct 2024 01:26 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 28 Oct 2024 01:26 PM IST
सार

पौड़ी पुलिस ने 92 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा करने के साथ ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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Pauri police exposed fraud of 92 crores five accused arrested fake cooperative society/company Uttarakhand
एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फर्जी सहकारी समिति बनाकर लोगों से निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह समिति देशभर में 189 करोड़ की धोखाधड़ी कर चुकी है, जबकि अकेले उत्तराखंड में ही 92 करोड़ की हेराफेरी की गई है। पुलिस ने समिति के उत्तराखंड हेड सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है।

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एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के नाम पर एक फर्जी समिति/कपंनी का संचालन किया जा रहा था। सोसायटी ने संपूर्ण उत्तराखंड में 35 शाखाएं खोली थीं। यहां लोगों को निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा दिए जाने का लालच दिया जा रहा था।
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पूरे प्रदेश में यह फर्जी सहकारी समिति 92 करोड़ की धोखाधड़ी कर चुकी है। सोसायटी की दुगड्डा शाखा ने कोटद्वार निवासी तृप्ति नेगी से आरडी कराने के नाम पर धनराशि ली। लेकिन उन्हें इसका कोई बॉन्ड नहीं दिया और उनके खाते में धनराशि भी जमा नहीं की। तृप्ति ने प्रकरण को लेकर बीती एक जून को कोतवाली कोटद्वार में शिकायत की थी। जिसके बाद मैनेजर व कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बताया कि प्रकरण की जांच एएसपी कोटद्वार जया बलोनी को सौंपी थी। एसएसपी ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि मीरापुर, वीरभद्र ऋषिकेश निवासी गिरीश चंद्र सिंह बिष्ट ने वर्ष 2016 में आईडीपीएल ऋषिकेश में इस सोसायटी की शाखा खोली थी। यहां लोगों को विदेश में सोना, तेल, रिफाइनरी सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश कर कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच दिया जाता था।
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एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2021 में दुगड्डा में भी इसकी शाखा खोली गई थी। जहां लोगों द्वारा निवेश की गई 50 लाख की धनराशि मेच्योर हो चुकी है। लेकिन समिति ने किसी को धनराशि नहीं लौटाई। बताया कि समिति के मुख्य खाते में 189 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, लेकिन जमाकर्ताओं को लौटाए नहीं गए। इसके बावजूद सोसायटी के खाते में सिर्फ दो लाख रुपये की धनराशि शेष है।

एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया संपूर्ण उत्तराखंड में समिति ने 92 करोड़ की धोखाधड़ी की है। जबकि देश के विभिन्न राज्यों में 189 करोड़ का गबन किया गया है। बताया कि गिरफ्तार पांचों आरोपियों को एडीजे कोर्ट देहरादून की अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश में सभी को जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए यह केस जल्द ही एसटीएफ को हस्तांतरित किया जाएगा।

ये आरोपी किए गए हैं गिरफ्तार
1- गिरीश चंद्र सिंह बिष्ट, मूल निवासी पिंगला कोट, जिला बागेश्वर, (उत्तराखंड हेड)
2- विनीत सिंह, निवासी ग्राम देवडाली, गुमखाल पौड़ी (मैनेजर, दुगड्डा)
3- प्रज्ञा रावत, पदमपुर मोटाढांक कोटद्वार, (कैशियर, दुगड्डा)
4- उर्मिला बिष्ट निवासी चार बीघा आईडीपीएल, ऋषिकेश।
5- जगमोहन सिंह बिष्ट, चार बीघा आईडीपीएल, ऋषिकेश।

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