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Dehradun News: शमीमा को नहीं मिली दवा और सत्यप्रकाश भी बगैर इलाज लौटे
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Iडॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीजों को हुई परेशानी, भटकते रहे मरीजI
चिकित्सकों के कार्यबहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने के कारण मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ओपीडी बंद होने से उत्तरकाशी से पति के साथ दून अस्पताल में एमआरआई की रिपोर्ट दिखाने के लिए पहुंची निर्मला जोशी को लौटना पड़ा। वहीं 66 वर्षीय महिला शमीमा अस्पताल में दवा लेने के लिए पहुंची थी। देहरादून की गर्भवती आसमा अपनी जांच कराने के लिए पहुंची और निराश होकर लौटी। इनकी तरह कई मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
शनिवार को दून अस्पताल में डाक्टरों ने मरीजों को कुछ समय तक देखा। सुबह 11 बजे तक नए पर्चे बनाए गए और उसके बाद काउंटर बंद हो गए। इसके बाद डाॅक्टर भी ओपीडी से चले गए। कोरोनेशन अस्पताल में मरीज भटकते नजर आए। बलवीर रोड निवासी रूबी बच्चे के गर्दन में दर्द की समस्या को लेकर कोरोनेशन अस्पताल पहुंची। लेकिन बंद ओपीडी देख बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। डालनवाला निवासी सईद अहमद अपने बच्चे के दांत की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डाॅक्टर नहीं मिले। तेज बुखार से पीड़ित मोहब्बेवाला निवासी सत्यप्रकाश दून अस्पताल में पहुंचे, लेकिन अस्पताल में ओपीडी बंद होने की वजह से न दवा मिल सकी और न ही डाॅक्टर की सलाह। मजबूरन वह ओपीडी के बाहर ही बेंच पर लेट गए।
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Iडॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीजों को हुई परेशानी, भटकते रहे मरीजI
चिकित्सकों के कार्यबहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने के कारण मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ओपीडी बंद होने से उत्तरकाशी से पति के साथ दून अस्पताल में एमआरआई की रिपोर्ट दिखाने के लिए पहुंची निर्मला जोशी को लौटना पड़ा। वहीं 66 वर्षीय महिला शमीमा अस्पताल में दवा लेने के लिए पहुंची थी। देहरादून की गर्भवती आसमा अपनी जांच कराने के लिए पहुंची और निराश होकर लौटी। इनकी तरह कई मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
शनिवार को दून अस्पताल में डाक्टरों ने मरीजों को कुछ समय तक देखा। सुबह 11 बजे तक नए पर्चे बनाए गए और उसके बाद काउंटर बंद हो गए। इसके बाद डाॅक्टर भी ओपीडी से चले गए। कोरोनेशन अस्पताल में मरीज भटकते नजर आए। बलवीर रोड निवासी रूबी बच्चे के गर्दन में दर्द की समस्या को लेकर कोरोनेशन अस्पताल पहुंची। लेकिन बंद ओपीडी देख बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। डालनवाला निवासी सईद अहमद अपने बच्चे के दांत की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डाॅक्टर नहीं मिले। तेज बुखार से पीड़ित मोहब्बेवाला निवासी सत्यप्रकाश दून अस्पताल में पहुंचे, लेकिन अस्पताल में ओपीडी बंद होने की वजह से न दवा मिल सकी और न ही डाॅक्टर की सलाह। मजबूरन वह ओपीडी के बाहर ही बेंच पर लेट गए।
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