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Dehradun News: डायलिसिस के लिए 40 किमी दूर दून जाते हैं मरीज
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पछवादून के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। मरीज डायलिसिस के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर दून अस्पताल जाते हैं। गुर्दे के गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों का सप्ताह में दो से तीन बार तक डायलिसिस होता है। मरीजों को हर बार देहरादून की दौड़ लगानी पड़ती है। जौनसार बावर के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क मिलती है। सरकारी अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत डायलिसिस यूनिट संचालित की जाती है, लेकिन पछवादून और जौनसार बावर की स्वास्थ्य जीवनरेखा उप जिला अस्पताल विकासनगर में डायलिसिस की सुविधा नहीं है।
बीते वर्ष अप्रैल में अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू करने की घोषणा के बाद तैयारी शुरू हुई थी। अब करीब एक साल बीत चुका है और यूनिट निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में है। गुर्दे के गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को दून अस्पताल जाना पड़ता है।
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कई मरीजों का सप्ताह में एक या दो बार डायलिसिस होता है। इन मरीजों को डायलिसिस के लिए देहरादून तक करीब 40 किलोमीटर की दूरी तर करनी पड़ती है। देहरादून पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है, इससे मरीजों को असुविधा हो रही है।
उप जिला अस्पताल पछवादून का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। अस्पताल में डायलिसिस यूनिट होगी तो मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क सुविधा का लाभ मिलेगा। मरीजों को बार-बार देहरादून नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा बहुत जरूरी है। - विनोद विरदी, वरिष्ठ नागरिक
जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र है। पछवादून में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र है। कई लोग निजी अस्पतालों में डायलिसिस का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है। अस्पताल में डायलिसिस यूनिट खुलने से आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क सुविधा मिलेगी। - हेमचंद्र सकलानी, साहित्यकार एवं वरिष्ठ नागरिक
उप जिला अस्पताल में विस्तार के लिए जगह नहीं है। डाकपत्थर में अस्पताल का नया भवन बन रहा है। नए भवन में डायलिसिस यूनिट स्थापित की जा सकती है। भवन निर्माण के बाद प्रस्ताव भेजा जाएगा। - डॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक
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आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क मिलती है। सरकारी अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत डायलिसिस यूनिट संचालित की जाती है, लेकिन पछवादून और जौनसार बावर की स्वास्थ्य जीवनरेखा उप जिला अस्पताल विकासनगर में डायलिसिस की सुविधा नहीं है।
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बीते वर्ष अप्रैल में अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू करने की घोषणा के बाद तैयारी शुरू हुई थी। अब करीब एक साल बीत चुका है और यूनिट निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में है। गुर्दे के गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को दून अस्पताल जाना पड़ता है।
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कई मरीजों का सप्ताह में एक या दो बार डायलिसिस होता है। इन मरीजों को डायलिसिस के लिए देहरादून तक करीब 40 किलोमीटर की दूरी तर करनी पड़ती है। देहरादून पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है, इससे मरीजों को असुविधा हो रही है।
उप जिला अस्पताल पछवादून का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। अस्पताल में डायलिसिस यूनिट होगी तो मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क सुविधा का लाभ मिलेगा। मरीजों को बार-बार देहरादून नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा बहुत जरूरी है। - विनोद विरदी, वरिष्ठ नागरिक
जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र है। पछवादून में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र है। कई लोग निजी अस्पतालों में डायलिसिस का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है। अस्पताल में डायलिसिस यूनिट खुलने से आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क सुविधा मिलेगी। - हेमचंद्र सकलानी, साहित्यकार एवं वरिष्ठ नागरिक
उप जिला अस्पताल में विस्तार के लिए जगह नहीं है। डाकपत्थर में अस्पताल का नया भवन बन रहा है। नए भवन में डायलिसिस यूनिट स्थापित की जा सकती है। भवन निर्माण के बाद प्रस्ताव भेजा जाएगा। - डॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक