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शर्मनाक! खुद के पैसे से डलवाना पड़ा एंबुलेंस में पेट्रोल, देरी से पहुंचने पर हुई मरीज की मौत 

Sat, 23 Feb 2019 08:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंपावत
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंपावत Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 23 Feb 2019 08:32 AM IST
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Patient death due to 108 ambulance negligence in champawat
प्रतीकात्मक तस्वीर

मंगलवार को आपात चिकित्सा सेवा 108 मिलने में हुई देरी से एक व्यक्ति को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इस बीमार व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता था। पत्नी के अलावा परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। 

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बाराकोट विकासखंड के नौमाना गांव के प्रकाश जोशी (39) पुत्र ज्वाला दत्त जोशी को लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद 19 फरवरी को चंपावत जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यहां से उन्हें हल्द्वानी रेफर किया गया।
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यहां से हल्द्वानी के लिए आपात सेवा 108 मिलने में लंबा वक्त लग गया। ग्राम प्रधान संजय जोशी ने बताया कि चंपावत की 108 सेवा खराबी के चलते नहीं मिली तो लोहाघाट की 108 सेवा ने ईंधन नहीं होने से हल्द्वानी जाने से इनकार कर दिया था।

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अब भी हल्द्वानी तक नहीं जा पा रही है 108 सेवा 

प्रधान ने खुद 1800 रुपये का ईंधन भरवाकर 108 सेवा के जरिए प्रकाश को हल्द्वानी पहुंचाया। इस पूरी कवायद में तीन घंटे से अधिक का वक्त लग गया। 20 फरवरी के तड़के तीन बजे प्रकाश को अस्पताल भर्ती कराया गया लेकिन 20 की ही रात 11 बजे उनकी मौत हो गई।

हल्द्वानी से शव गांव लाने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्राम प्रधान ने कमजोर माली हालत के चलते प्रकाश जोशी के परिजनों को समुचित आर्थिक सहायता का सरकार से आग्रह किया है। 

चंपावत जिले की आपात चिकित्सा सेवा 108 के हाल अब भी ठीक नहीं है। ईंधन की कमी से जिले के पांच में से एक भी वाहन चंपावत से हायर सेंटर की सेवा नहीं दे पा रहा है। ईंधन की कमी से ये आपात वाहन 20 किलोमीटर के दायरे में ही सेवा दे पा रहे हैं।
 

इसके साथ ही तकनीकी खराबी आने से 18 फरवरी से लोहाघाट में खड़ी चंपावत की 108 सेवा शुक्रवार को ठीक करा ली गई है। मगर यह सेवा भी लोकल में ही संचालित हो पा रही है। 108 सेवा ही नहीं खुशियों की सवारी (केकेएस) के हाल भी बुरे हैं।

लोहाघाट की केकेएस चार महीने से खराब है तो चंपावत और टनकपुर की केकेएस खराब टायर और ईंधन की कमी से लंबी दूरी तय नहीं कर पा रही है। आपात सेवा 108 के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि केकेएस के लिए छह नए टायर और ईंधन के लिए बजट की मांग की गई है।

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